बिहार CM की कुर्सी की दौड़ में खुला बड़ा राज, 8 नामों की लिस्ट में एक महिला भी शामिल!

Bihar Politics: राज्यसभा सदस्य बनने के बाद नीतीश कुमार के 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की संभावना के बीच राज्य में नई सरकार को लेकर हलचल तेज हो गई है। अब चर्चा है कि बिहार का नया मुख्यमंत्री कौन होगा। बीजेपी की तरफ से इस बार कम से कम आठ नाम चर्चा में हैं।

सूत्रों के अनुसार, सम्राट चौधरी, संजीव चौरसिया, रमा निषाद, विजय कुमार सिन्हा, जनक राम, नित्यानंद राय, दिलीप जायसवाल और मंगल पांडे का नाम सामने आया है। पटना में कुछ जगहों पर सम्राट चौधरी के समर्थन में पोस्टर भी लगाए गए थे, लेकिन बाद में उन्हें हटा दिया गया। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि नए मुख्यमंत्री का चयन आसान नहीं होगा, क्योंकि इसमें जातीय और राजनीतिक संतुलन दोनों को ध्यान में रखना होगा।

डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी: क्या होंगे अगले CM?

सम्राट चौधरी का नाम इस समय सबसे ज्यादा चर्चित है। वह बिहार के डिप्टी सीएम हैं और गृहमंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। 2018 में बीजेपी में शामिल हुए सम्राट ने कम समय में प्रदेश अध्यक्ष जैसे बड़े पदों पर काम किया। वे कोयरी जाति से आते हैं और पहले आरजेडी की सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं।

पटना में उनके समर्थन में पोस्टर लगाना इस बात का संकेत है कि उनके समर्थक चाहते हैं कि वह बिहार के अगले CM बनें। विशेषज्ञों का कहना है कि उनका प्रशासनिक अनुभव और पार्टी में मजबूती उन्हें मुख्यमंत्री पद के लिए सबसे उपयुक्त उम्मीदवार बनाती है।

अन्य दावेदार: बीजेपी के प्रमुख नेता

बीजेपी के अन्य दावेदारों में संजीव चौरसिया, जनक राम, विजय कुमार सिन्हा, नित्यानंद राय, दिलीप जायसवाल और मंगल पांडे शामिल हैं। संजीव चौरसिया पटना के दीघा से MLA हैं और अति पिछड़ा समाज से आते हैं। जनक राम दलित समुदाय के बड़े नेता हैं और गोपालगंज के पूर्व सांसद रह चुके हैं।

विजय कुमार सिन्हा बिहार के डिप्टी CM और भूमि एवं राजस्व विभाग के प्रमुख हैं। नित्यानंद राय केंद्रीय गृह राज्य मंत्री हैं और यादव समाज से आते हैं। दिलीप जायसवाल उद्योग मंत्री हैं और मंगल पांडे स्वास्थ्य मंत्री हैं। ये सभी नेता मुख्यमंत्री बनने के लिए मजबूत दावेदार हैं।

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इस बार मुख्यमंत्री पद के लिए कई जातियों और राजनीतिक संतुलनों को ध्यान में रखा जा रहा है। इसमें पार्टी की रणनीति और समाजिक समीकरण भी अहम भूमिका निभा रहे हैं।

नई सरकार और आगे की चुनौतियाँ

नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बिहार में नई सरकार के गठन की संभावना बढ़ रही है। नए मुख्यमंत्री को सिर्फ प्रशासनिक अनुभव ही नहीं, बल्कि पार्टी में संतुलन और समाज के सभी वर्गों को ध्यान में रखना होगा।

इस बार मुख्यमंत्री पद की दौड़ में 8 प्रमुख नाम शामिल हैं, जिसमें एक महिला विधायक भी हैं। यह चुनावी समीकरण बिहार की राजनीति को नया मोड़ दे सकता है। 14 अप्रैल के बाद नई सरकार बनेगी और मुख्यमंत्री पद के चयन में पार्टी नेतृत्व, नेताओं और जनता की भूमिका अहम होगी। बिहार में अब सबकी नजर इस पर है कि नया मुख्यमंत्री कौन बनेगा और वह राज्य की राजनीति और विकास की दिशा में क्या बदलाव लाएगा।

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