दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित इंडिया गठबंधन की रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर हमला बोला। उन्होंने विपक्षी दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर संघर्ष करने की अपील की। खरगे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार को सत्ता से हटाने के लिए सभी विपक्षी दलों को मिलकर लड़ना होगा। उन्होंने भरोसा जताया कि अगर विपक्ष मजबूती के साथ एकजुट रहता है तो मोदी सरकार को हटाना संभव है। खरगे ने अपने संबोधन में संविधान की रक्षा को भी विपक्ष की सबसे बड़ी प्राथमिकता बताया।
ज्ञानेश कुमार को लेकर खरगे का तीखा बयान
रैली में खरगे के भाषण का सबसे चर्चित हिस्सा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर रहा। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार पद से नहीं हटते, तब तक विपक्ष का विरोध जारी रहेगा। खरगे ने तीखे अंदाज में कहा कि अगर ज्ञानेश कुमार जमीन के अंदर भी छिप जाएंगे तो विपक्ष उन्हें वहां से भी बाहर निकालकर लाएगा। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। खरगे का आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया के जरिए जनता के मतदान के अधिकार को प्रभावित करने की कोशिश हो रही है।
ईडी और केंद्रीय एजेंसियों को लेकर केंद्र पर हमला
कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने भाषण में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और दूसरी केंद्रीय जांच एजेंसियों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं को डराने और दबाव बनाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। खरगे ने कहा कि विपक्ष इस तरह की कार्रवाई से डरने वाला नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर राजनीतिक विरोधियों को बांटने की कोशिश करने का आरोप लगाया। साथ ही महाराष्ट्र, बिहार, उत्तर प्रदेश और केंद्र की सरकारों पर भी निशाना साधते हुए उन्हें जनता के जनादेश के खिलाफ बनी सरकारें बताया।
विपक्षी दिग्गजों का जमावड़ा
इस रैली में इंडिया गठबंधन के कई बड़े नेता एक मंच पर नजर आए। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव समेत कई विपक्षी नेताओं ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। रैली से पहले सभी प्रमुख नेताओं ने मिंटो ब्रिज से रामलीला मैदान तक मार्च निकाला। इस दौरान कुछ नेता खुली बस में सवार होकर पहुंचे। कार्यक्रम का मुख्य मुद्दा चुनाव आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ विपक्ष की एकजुटता दिखाना रहा। अब इस रैली के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि विपक्ष का यह साझा विरोध आने वाले दिनों में क्या नया सियासी मोड़ लेगा।








