अमेरिका के साथ संभावित ट्रेड डील को लेकर देश में जारी चर्चाओं के बीच केंद्रीय मंत्री Jayant Chaudhary ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अभी तक अमेरिका के साथ कोई भी करार अंतिम रूप नहीं ले पाया है। इस बयान के बाद उन अटकलों पर विराम लग गया है, जिनमें कहा जा रहा था कि भारत और अमेरिका के बीच जल्द ही कोई बड़ा व्यापारिक समझौता हो सकता है। चौधरी ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार हर फैसले को सोच-समझकर और सभी हितधारकों को ध्यान में रखते हुए ही आगे बढ़ा रही है।
भारत की ताकत पर भरोसा, किसानों के लिए नए मौके
जयंत चौधरी ने कहा कि आज वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति मजबूत हुई है और दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाएं भारत के साथ व्यापारिक साझेदारी बढ़ाना चाहती हैं। उनका मानना है कि अगर व्यापार का दायरा बढ़ता है, तो इसका सीधा फायदा किसानों, मजदूरों और MSME सेक्टर को मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत के किसान किसी भी फसल में वैश्विक प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता रखते हैं। उदाहरण के तौर पर उन्होंने उत्तर प्रदेश के बागपत क्षेत्र के मशहूर रटौल आम का जिक्र करते हुए बताया कि यह फल अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अपनी पहचान बना सकता है, खासकर जब शुल्क कम या शून्य हो।
बागपत को मिलेगा नया रूप, स्टार्टअप हब बनने की तैयारी
केंद्रीय मंत्री ने बागपत के विकास को लेकर भी बड़ी बात कही। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र को अब नई पहचान दी जा रही है, जहां खेती के साथ-साथ उद्योग और स्टार्टअप को भी बढ़ावा मिलेगा। दिल्ली के नजदीक होने का फायदा उठाते हुए बागपत को एक नए आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। चौधरी ने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश के जरिए यहां रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, जिससे स्थानीय लोगों की आय में भी इजाफा होगा।
विपक्ष का हमला, सरकार ने दिया भरोसा
जहां एक ओर सरकार इस संभावित ट्रेड डील को अवसर के रूप में देख रही है, वहीं विपक्ष इसे लेकर लगातार सवाल उठा रहा है। विपक्षी दलों का आरोप है कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौते से भारतीय किसानों और डेयरी सेक्टर को नुकसान हो सकता है। हालांकि सरकार ने इन आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा है कि किसी भी डील में किसानों के हितों को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही यह भी भरोसा दिलाया गया है कि भारत के डेयरी सेक्टर पर किसी तरह का नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। अब सबकी नजर इस बात पर है कि आगे चलकर यह डील किस दिशा में जाती है।
Read More-अब नहीं मिलेगी आसानी से अगली तारीख! सुप्रीम कोर्ट के नए नियम से मची हलचल








