Shashank Singh: आईपीएल में पंजाब किंग्स के लिए खेलने वाले क्रिकेटर शशांक सिंह और उनके पिता शैलेश सिंह पर घरेलू कर्मचारी के साथ मारपीट और गाली-गलौज के आरोप लगने के बाद अब इस मामले में शशांक सिंह का पहला बयान सामने आया है। उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर के बाद यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। शिकायतकर्ता विपेंद्र सिंह तोमर ने आरोप लगाया है कि उन्हें रसोइए की नौकरी देने के नाम पर घर बुलाया गया, लेकिन बाद में उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। वहीं, शशांक सिंह ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि जिस व्यक्ति ने शिकायत की है, वह प्रशिक्षित रसोइया नहीं था और उसकी गतिविधियां शुरू से ही संदेह पैदा करने वाली थीं। उनका कहना है कि पूरे मामले की सच्चाई जांच के बाद सामने आ जाएगी।
शशांक बोले- मारपीट नहीं की, फोटो और वीडियो बना रहा था व्यक्ति
शशांक सिंह ने अपने बयान में कहा कि संबंधित व्यक्ति ने खुद को रसोइया बताकर घर में प्रवेश किया था, लेकिन उसे खाना बनाना नहीं आता था। उन्होंने दावा किया कि वह घर के अंदर बिना अनुमति फोटो और वीडियो बना रहा था और निजी कमरों तक पहुंचने की कोशिश कर रहा था। इसी वजह से परिवार को उसकी मंशा पर शक हुआ। शशांक ने कहा कि उन्हें लगा कि वह किसी गलत इरादे से घर में आया है। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी बहन ने पुलिस हेल्पलाइन पर कॉल करने की सलाह दी थी, लेकिन उस व्यक्ति ने माफी मांग ली, इसलिए उसे जाने दिया गया। शशांक का कहना है कि उन्होंने न तो किसी प्रकार की मारपीट की और न ही गाली-गलौज की। उन्होंने कहा कि वह सामान्य जीवन में भी अपशब्दों का इस्तेमाल करने से बचते हैं।
शिकायतकर्ता ने लगाए गंभीर आरोप
दूसरी ओर शिकायतकर्ता विपेंद्र सिंह तोमर का आरोप है कि उन्हें नौकरी के दौरान लगातार मानसिक दबाव में रखा गया। उनका कहना है कि जब उन्होंने काम छोड़ने की इच्छा जताई तो उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। शिकायत के अनुसार, उनके साथ मारपीट भी हुई, जिससे उन्हें चोटें आईं। मेडिकल जांच में चेहरे पर चोट के निशान मिलने की बात भी सामने आई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जांच के बाद ही सामने आएगी सच्चाई
फिलहाल इस मामले में दोनों पक्ष अपने-अपने दावों पर कायम हैं। जहां शिकायतकर्ता खुद को पीड़ित बता रहे हैं, वहीं शशांक सिंह और उनका परिवार सभी आरोपों को निराधार बता रहा है। शशांक का कहना है कि अभी तक जांच एजेंसियों ने उनसे आधिकारिक रूप से संपर्क नहीं किया है, लेकिन जब भी जरूरत होगी, वे पूरा सहयोग करेंगे। यह मामला अब पुलिस जांच के दायरे में है और जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है। फिलहाल इस घटनाक्रम ने खेल जगत और सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा पैदा कर दी है।








