अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने सोमवार, 12 जनवरी 2026 को जानकारी दी कि उसने अब तक एक लाख से अधिक वीजा रद्द कर दिए हैं। इस फैसले में करीब 8,000 छात्र वीजा और 2,500 के करीब विशेष कैटेगरी वीजा शामिल हैं। विशेष कैटेगरी वीजा उन लोगों को दिया गया था, जिनका आपराधिक गतिविधियों से नाता रहा या जिन्हें अमेरिका की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के सामने पेश होना पड़ा। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि यह कदम अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। इस घोषणा के बाद भारतीय छात्रों और व्यावसायिक यात्रियों के बीच चिंता बढ़ गई है, क्योंकि कई लोग अमेरिका में अपनी पढ़ाई या काम जारी रखने के लिए वीजा पर निर्भर हैं।
2025 में रद्द वीजा का रिकॉर्ड, बाइडेन काल की तुलना
रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2025 में रद्द किए गए वीजा की संख्या अब तक के रिकॉर्ड में सबसे अधिक है। यह आंकड़ा पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल में साल 2024 में रद्द किए गए कुल वीजा की संख्या से दोगुना से भी अधिक है। अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि अधिकांश रद्द किए गए वीजा उन पर्यटक और व्यावसायिक यात्रियों से संबंधित थे, जिन्होंने वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद भी अमेरिका में रहना जारी रखा। इसके अलावा, वीजा रद्द करने के मामलों में शराब पीकर वाहन चलाना, मारपीट, चोरी, चाइल्ड एब्यूज, धोखाधड़ी और अन्य गंभीर अपराधों से जुड़े गिरफ्तारियां शामिल थीं। यह कदम अमेरिकी प्रशासन की नीतियों में कड़ी रुख अपनाने की दिशा में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है।
भारतीय छात्रों और नौकरीपेशा लोगों के लिए संभावित असर
इस फैसले के बाद भारतीय छात्रों और नौकरीपेशा लोगों के लिए अमेरिका में स्थायी रूप से रहने या पढ़ाई जारी रखने की स्थिति पर असर पड़ सकता है। कई छात्र जिन्होंने वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद अतिरिक्त समय में अमेरिका में रहकर इंटर्नशिप या नौकरी की योजना बनाई थी, उन्हें अब अपने वीजा को लेकर सतर्क रहना होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि जिन लोगों के वीजा रद्द किए गए हैं, उन्हें तुरंत अमेरिकी दूतावास या वीजा विभाग से संपर्क करना चाहिए। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि जिनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज है या जिन्हें कानून प्रवर्तन एजेंसियों के समक्ष पेश होना पड़ा है, उनके वीजा को रद्द करने की कार्रवाई जारी रहेगी।
ट्रंप प्रशासन की कड़ी नीति और वैश्विक प्रतिक्रिया
ट्रंप प्रशासन की यह कार्रवाई अमेरिका की सुरक्षा और नियमों के पालन पर जोर देने वाली नीति को दर्शाती है। विदेशी नागरिकों के लिए यह चेतावनी भी है कि उन्हें अमेरिकी कानूनों का पालन करना अनिवार्य है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से अमेरिका में काम, पढ़ाई और पर्यटन करने वाले भारतीयों के लिए चुनौतियां बढ़ सकती हैं। साथ ही यह नीति अन्य देशों के नागरिकों के लिए भी सुरक्षा सुनिश्चित करने का संदेश देती है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा कि वीजा रद्द करने की प्रक्रिया पारदर्शी और नियमों के अनुरूप है, ताकि अमेरिका में कोई भी व्यक्ति कानून का उल्लंघन न कर सके और सभी नागरिक सुरक्षित रहें।
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