इंडोनेशिया में मचा हाहाकार! 7.4 तीव्रता के भूकंप के बाद आ रही सुनामी? कई घर जमींदोज, 1 महिला की मौत

इंडोनेशिया के पूर्वी हिस्से में गुरुवार तड़के भूकंप के अचानक झटके महसूस किए गए। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने इस भूकंप की तीव्रता 7.4 मापी। भूकंप का केंद्र मोलुक्का सागर में लगभग 35 किलोमीटर की गहराई पर था। भूकंप आते ही स्थानीय लोग अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए और अफरातफरी मच गई। लोगों में दहशत का माहौल था और कई लोग सड़क पर इकट्ठा हो गए।

इस भूकंप के तुरंत बाद प्रशासन ने सुनामी का अलर्ट जारी किया, जिससे तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोग और भी सतर्क हो गए। अमेरिकी मॉनिटरिंग सेंटर ने भूकंप के केंद्र से 1,000 किलोमीटर के दायरे में खतरनाक सुनामी की संभावना जताई। इससे यह स्पष्ट हो गया कि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सतर्कता की आवश्यकता है।

सुनामी की लहरों और नुकसान की जानकारी

APTN की रिपोर्ट के मुताबिक, भूकंप के चलते इंडोनेशियाई जलक्षेत्र में सुनामी लहरें उठीं। इन लहरों के कारण कई घर और इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं। उत्तरी सुलावेसी के मिनाहासा जिले में एक 70 वर्षीय महिला की मौत हो गई और एक अन्य निवासी घायल हुआ। प्रशासन ने बताया कि भूकंप और सुनामी के बाद लोगों को समुद्र तट या तटीय क्षेत्रों में लौटने से बचने की सलाह दी गई है।

मुख्य भूकंप के बाद कम से कम दो और झटके महसूस किए गए, हालांकि ये दोनों झटके समुद्र तट से दूर थे। प्रशासन ने लोगों से कहा कि तब तक सुरक्षित क्षेत्रों में ही रहें जब तक अधिकारी स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित न कर लें।

इंडोनेशिया का भूकंपीय इतिहास

इंडोनेशिया 28 करोड़ से अधिक लोगों का विशाल द्वीपसमूह है और यह प्रमुख भूकंपीय फॉल्ट पर स्थित है। यहां अक्सर भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट होते रहते हैं। 2022 में पश्चिम जावा के सियानजुर शहर में आए 5.6 तीव्रता के भूकंप में कम से कम 602 लोग मारे गए थे। वहीं 2018 में सुलावेसी में आए भूकंप और सुनामी ने 4,300 से अधिक लोगों की जान ले ली थी।

2004 में हिंद महासागर में आए शक्तिशाली भूकंप और सुनामी में 12 देशों में 230,000 से अधिक लोगों की मौत हुई थी, जिनमें से अधिकांश इंडोनेशिया के आचे प्रांत के निवासी थे। ये घटनाएं इंडोनेशिया को भूकंप और सुनामी के प्रति संवेदनशील क्षेत्र बनाती हैं और स्थानीय प्रशासन सतर्कता बरतने में कोई कसर नहीं छोड़ता।

इंडोनेशियाई आपदा प्रबंधन एजेंसी ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में टीम भेजकर स्थिति का जायजा लिया और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि भूकंप और सुनामी का खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है।

स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम लगातार भूकंप और सुनामी की स्थिति पर नजर रख रहे हैं। लोगों को सतर्क रहने और समुद्र तटों या तटीय क्षेत्रों से दूर रहने के लिए बार-बार कहा गया। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे प्राकृतिक आपदाओं में सबसे महत्वपूर्ण कदम समय पर सतर्क रहना और अधिकारियों के निर्देशों का पालन करना है।

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