Friday, January 23, 2026

ट्रंप की टैरिफ धमकी से भड़का यूरोप! ग्रीनलैंड पर बयान देते ही मैक्रों बोले- ‘ना यूक्रेन, ना ग्रीनलैंड… किसी से नहीं डरेंगे’

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने आक्रामक रुख से दुनिया की राजनीति में हलचल मचा दी है। 17 जनवरी 2026 को सोशल मीडिया पर किए गए एक पोस्ट में ट्रंप ने ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने की मांग दोहराई और इसका विरोध करने वाले यूरोपीय देशों पर सीधा आर्थिक दबाव बनाने की चेतावनी दे दी। ट्रंप ने कहा कि डेनमार्क और अन्य यूरोपीय देश अगर ग्रीनलैंड की बिक्री पर सहमत नहीं होते हैं तो उन्हें भारी टैरिफ चुकाना पड़ेगा। इस बयान के बाद यूरोप में नाराजगी फैल गई और इसे संप्रभुता पर हमला बताया जाने लगा।

1 फरवरी से 10% और 1 जून से 25% टैरिफ की चेतावनी

ट्रंप ने अपने पोस्ट में साफ कहा कि 1 फरवरी 2026 से डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, नीदरलैंड्स और फिनलैंड से अमेरिका आने वाले सभी उत्पादों पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाया जाएगा। अगर ग्रीनलैंड को लेकर कोई समझौता नहीं होता है तो 1 जून 2026 से यह टैरिफ बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया जाएगा। ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि यह टैरिफ तब तक लागू रहेगा, जब तक ग्रीनलैंड की “पूर्ण और समग्र खरीद” नहीं हो जाती। इस ऐलान को यूरोप के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी आर्थिक धमकी माना जा रहा है।

‘गोल्डन डोम’ और राष्ट्रीय सुरक्षा का तर्क, आर्कटिक बना रणनीतिक केंद्र

डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद अहम बताया है। उनका कहना है कि आर्कटिक क्षेत्र में चीन और रूस की गतिविधियां बढ़ रही हैं और डेनमार्क इस इलाके की सुरक्षा ठीक से नहीं कर पा रहा है। ट्रंप ने अमेरिका के पुराने ‘गोल्डन डोम’ जैसे मिसाइल डिफेंस सिस्टम का जिक्र करते हुए कहा कि ग्रीनलैंड के बिना यह सिस्टम पूरी तरह प्रभावी नहीं हो सकता। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हाल के दिनों में यूरोपीय देशों के सैनिक ग्रीनलैंड पहुंचे हैं, जो एक “खतरनाक खेल” है और इससे वैश्विक सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है।

मैक्रों का कड़ा जवाब

ट्रंप की टैरिफ धमकी पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का पहला और तीखा रिएक्शन सामने आया है। मैक्रों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि फ्रांस राष्ट्रों की संप्रभुता और स्वतंत्रता के सिद्धांत से कोई समझौता नहीं करेगा। उन्होंने कहा, “ना तो यूक्रेन में, ना ही ग्रीनलैंड में और ना ही कहीं और—किसी भी तरह की धमकी या दबाव हमें प्रभावित नहीं कर सकता।” मैक्रों ने टैरिफ की धमकी को अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि अगर अमेरिका ने ऐसा कदम उठाया, तो यूरोपीय देश एकजुट और समन्वित प्रतिक्रिया देंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फ्रांस डेनमार्क के साथ मिलकर ग्रीनलैंड में सैन्य अभ्यास कर रहा है, क्योंकि यह यूरोप और आर्कटिक की सुरक्षा से जुड़ा मामला है।

ब्रिटेन का समर्थन डेनमार्क को, NATO सहयोगियों में बढ़ा तनाव

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने भी ट्रंप के बयान पर नाराजगी जताई है। उन्होंने टैरिफ की धमकी को “पूरी तरह गलत” करार दिया। स्टार्मर ने कहा कि ग्रीनलैंड डेनमार्क का हिस्सा है और उसका भविष्य केवल ग्रीनलैंड के लोगों और डेनमार्क द्वारा तय किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि आर्कटिक की सुरक्षा NATO के सभी सहयोगियों के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन ऐसे समय में सहयोगी देशों पर टैरिफ लगाना ट्रांसअटलांटिक रिश्तों को कमजोर करेगा। ट्रंप के इस रुख से अमेरिका और यूरोप के बीच संबंधों में तनाव और गहराने की आशंका जताई जा रही है।

Read More-हंसी का तूफान फिर लौटेगा! ‘धमाल 4’ की रिलीज डेट फाइनल, क्या अजय देवगन बनाएंगे इस बार बॉक्स ऑफिस का नया रिकॉर्ड?

Hot this week

ODI अलविदा कहेंगे रविंद्र जडेजा? रिटायरमेंट को लेकर खुद दिया बड़ा ये संकेत

टीम इंडिया के अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा लंबे समय...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img