वेनेजुएला की राजनीति में भूचाल लाने वाली घटना सामने आई है। अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद गिरफ्तार किए गए वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को शनिवार देर शाम न्यूयॉर्क लाया गया। अमेरिकी सेना का एक विशेष विमान स्थानीय समयानुसार करीब 5:25 बजे न्यूयॉर्क के एक एयरबेस पर उतरा। जैसे ही विमान का दरवाजा खुला, दर्जनों संघीय एजेंटों की मौजूदगी में एक व्यक्ति को सीढ़ियों से नीचे उतारा गया, जिसे मादुरो बताया जा रहा है। पूरे रनवे को हाई-सिक्योरिटी जोन में तब्दील कर दिया गया था। इस दौरान कई एजेंट मोबाइल फोन से इस दृश्य को रिकॉर्ड करते नजर आए। सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों और वीडियो ने पूरी दुनिया का ध्यान इस घटनाक्रम की ओर खींच लिया है।
गुप्त ऑपरेशन में राष्ट्रपति और पत्नी को किया गया बाहर
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को वेनेजुएला में रातों-रात हिरासत में लिया गया था। बताया गया कि अमेरिकी सेना ने एक सुनियोजित ऑपरेशन के तहत सैन्य अड्डे पर स्थित उनके आधिकारिक आवास को घेर लिया। इसके बाद दोनों को सुरक्षित तरीके से बाहर निकालकर पहले एक अमेरिकी युद्धपोत पर रखा गया। कुछ घंटों तक समुद्र में रखने के बाद उन्हें सीधे अमेरिका लाया गया। अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे ऑपरेशन को बेहद गोपनीय रखा गया था ताकि किसी तरह का विरोध या जवाबी कार्रवाई न हो सके। यह कदम वेनेजुएला के इतिहास में अब तक की सबसे चौंकाने वाली घटनाओं में से एक माना जा रहा है।
नार्को-टेररिज्म का आरोप, अमेरिकी न्याय विभाग की सख्ती
अमेरिकी न्याय विभाग ने निकोलस मादुरो पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, मादुरो पर नार्को-टेररिज्म से जुड़े षड्यंत्र में शामिल होने का आरोप है। यह मामला अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क और कथित रूप से आतंकी संगठनों को संरक्षण देने से जुड़ा बताया जा रहा है। अमेरिका लंबे समय से मादुरो सरकार पर ड्रग कार्टेल्स के साथ सांठगांठ का आरोप लगाता रहा है। न्याय विभाग का कहना है कि उनके पास ऐसे सबूत हैं, जिनके आधार पर यह कार्रवाई की गई। मादुरो को न्यूयॉर्क लाने का उद्देश्य कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाना और अमेरिकी अदालत में मुकदमा चलाना बताया जा रहा है।
ट्रंप का बड़ा ऐलान, तेल और सत्ता पर अमेरिका की नजर
इस पूरे घटनाक्रम के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान भी सामने आया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति को और गर्म कर दिया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका वेनेजुएला को अस्थायी रूप से संचालित करेगा और देश के विशाल तेल भंडारों का उपयोग कर अन्य देशों को तेल बेचेगा। यह बयान मादुरो को सत्ता से हटाने के बाद आया है। जानकारों का मानना है कि यह कार्रवाई ट्रंप प्रशासन की महीनों चली गुप्त रणनीति और दबाव अभियान का नतीजा है। कई विश्लेषक इसे 2003 में इराक पर हुए अमेरिकी आक्रमण के बाद किसी सरकार को हटाने के लिए अमेरिका की सबसे आक्रामक कार्रवाई बता रहे हैं। अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि वेनेजुएला में आगे सत्ता किसके हाथ में जाती है और अमेरिका की भूमिका कितनी लंबी रहने वाली है।








