भारत की कड़ी आपत्ति के बाद पाकिस्तान ने तोड़ी चुप्पी, अफगानिस्तान एयरस्ट्राइक पर क्या बोली शहबाज सरकार?

अफगानिस्तान में हाल ही में हुई एयरस्ट्राइक को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। भारत ने पाकिस्तान की कार्रवाई की कड़ी आलोचना करते हुए इसे अफगानिस्तान की संप्रभुता पर हमला और क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा बताया था। अब भारत के इस बयान पर पाकिस्तान की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि उसने आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई की है और भारत की ओर से लगाए गए आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव और बढ़ता दिखाई दे रहा है।

पाकिस्तान ने अपनी कार्रवाई को बताया सही

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अफगानिस्तान में की गई कार्रवाई आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाकर की गई थी और यह देश की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम था। पाकिस्तान का कहना है कि उसने अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में रहते हुए यह कार्रवाई की। साथ ही उसने भारत पर भी कई आरोप लगाए। पाकिस्तान ने दावा किया कि भारत अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल उसके खिलाफ करता है और आतंकवाद से जुड़े संगठनों को समर्थन देता है। हालांकि भारत पहले भी ऐसे आरोपों को बेबुनियाद बता चुका है और इस बार भी पाकिस्तान के दावों को स्वीकार नहीं किया है।

भारत ने नागरिकों की मौत पर जताई चिंता

भारतीय विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि पाकिस्तान के हवाई हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित कई निर्दोष लोगों की मौत हुई है। भारत ने इस कार्रवाई को गैर-जिम्मेदाराना बताया और कहा कि किसी भी देश की संप्रभुता का सम्मान किया जाना चाहिए। भारत ने अफगानिस्तान के लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की। भारत का कहना है कि क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए सभी देशों को संयम बरतना चाहिए और किसी भी विवाद का समाधान बातचीत के जरिए होना चाहिए।

हताहतों के आंकड़ों पर अलग-अलग दावे

इस पूरे मामले में दोनों देशों के दावे अलग-अलग हैं। पाकिस्तान का कहना है कि उसकी एयरस्ट्राइक में सीमा के पास मौजूद कई आतंकवादी मारे गए। वहीं अफगानिस्तान की ओर से दावा किया गया है कि हमले में आम नागरिकों की जान गई, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। अफगान अधिकारियों ने इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून और अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। फिलहाल इस मामले को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और कूटनीतिक गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

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