मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने एक ऐसा बयान दिया है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है। उन्होंने दावा किया है कि ईरान के साथ चल रहा संघर्ष लोगों की उम्मीद से कहीं ज्यादा जल्दी खत्म हो सकता है। वैश्विक स्तर पर तेल और गैस संकट की आशंका के बीच यह बयान राहत देने वाला माना जा रहा है। नेतन्याहू के मुताबिक, मौजूदा हालात तेजी से बदल रहे हैं और युद्ध अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है।
मिसाइल और परमाणु कार्यक्रम पर असर का दावा
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान Benjamin Netanyahu ने कहा कि ईरान की सैन्य क्षमता को बड़ा नुकसान पहुंचा है। उनका दावा है कि अब ईरान न तो बैलिस्टिक मिसाइल बनाने की स्थिति में है और न ही यूरेनियम संवर्धन कर पा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के भीतर नेतृत्व को लेकर असमंजस की स्थिति है और शीर्ष स्तर पर भी तनाव नजर आ रहा है। नेतन्याहू ने संकेत दिए कि इन कमजोरियों का फायदा उठाकर इजरायल अपने लक्ष्यों को हासिल करने की कोशिश कर रहा है।
ट्रंप को लेकर उठे सवालों पर सफाई
इजरायल पर यह आरोप लगाया जा रहा था कि उसने अमेरिका को इस संघर्ष में शामिल किया, लेकिन नेतन्याहू ने इन आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि Donald Trump जैसे नेता को कोई निर्देश नहीं दे सकता और वह अपने फैसले खुद लेते हैं। नेतन्याहू ने यह भी बताया कि अमेरिका और इजरायल के बीच सैन्य और खुफिया स्तर पर तालमेल मजबूत है, लेकिन हर कार्रवाई स्वतंत्र रूप से तय की जाती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान के गैस क्षेत्रों पर हमला इजरायल का खुद का फैसला था।
समुद्री रास्ता बंद करने की कोशिश बेअसर?
ईरान द्वारा Strait of Hormuz को बंद करने की धमकी पर नेतन्याहू ने कहा कि यह कदम सफल नहीं होगा। उनके अनुसार, यह अंतरराष्ट्रीय समुदाय को दबाव में लेने की कोशिश है, लेकिन दुनिया इसके लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि इस रास्ते को बंद करने से वैश्विक ऊर्जा सप्लाई पर असर पड़ सकता है, लेकिन इजरायल और उसके सहयोगी इसे रोकने के लिए कदम उठा रहे हैं। नेतन्याहू ने यह भी कहा कि यह संघर्ष केवल क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक सुरक्षा से जुड़ा हुआ है।








