इजरायली सेना ने ईरान के नागरिकों को अगले 12 घंटों तक ट्रेनों और रेलवे लाइनों के पास जाने से बचने की चेतावनी दी है। सोमवार देर रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इजरायल की फारसी भाषा की चैनल ने इस चेतावनी को पोस्ट किया। इसमें कहा गया कि ट्रेन नेटवर्क और रेलवे लाइन के पास होना आपकी जान के लिए खतरा है। इजरायल ने स्पष्ट किया कि यह अलर्ट सुरक्षा कारणों से जारी किया गया है और ईरान में किसी भी जमीनी हमला या एयरस्ट्राइक की स्थिति में यह यात्रियों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।
इस चेतावनी के बाद देश के प्रमुख शहरों और रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा उपाय बढ़ा दिए गए हैं। यात्री अलर्ट को गंभीरता से ले रहे हैं और कई लोगों ने ट्रेनों की बुकिंग स्थगित कर दी है।
डोनाल्ड ट्रंप की समझौते की समयसीमा समाप्त
आज यानी मंगलवार, 7 अप्रैल को अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दिए गए समझौते की डेडलाइन भी खत्म हो रही है। इसी के साथ ईरान और इजरायल के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी प्रशासन और इजरायली सेना के बीच हुई बैठक के बाद यह अलर्ट जारी किया गया, जिससे ईरान में नागरिक सुरक्षा और रेल नेटवर्क को लेकर बड़े स्तर पर चिंता है।
इस अलर्ट का मकसद नागरिकों को संभावित हमलों से बचाना और रेलवे स्टाफ को सुरक्षित रखना है। हालांकि, इससे ईरान में डर का माहौल फैल गया है और सोशल मीडिया पर इस चेतावनी को लेकर नागरिकों में चर्चा तेज हो गई है।
1.4 करोड़ लोगों ने देश के लिए वालंटियर किया
ईरानी सरकारी टीवी ने मंगलवार को दावा किया कि अमेरिका और इजरायल द्वारा संभावित जमीनी हमले की स्थिति में 1.4 करोड़ लोगों ने देश के लिए लड़ने के लिए स्वयं को वालंटियर किया है। इससे पहले 2 अप्रैल को ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बघेर कालिबाफ ने घोषणा की थी कि 70 लाख लोगों ने जंग में शामिल होने के लिए नाम दर्ज कराया।
ईरान की कुल आबादी लगभग 9 करोड़ है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह अलर्ट और विशाल संख्या में वालंटियरिंग देश में सैन्य और नागरिक तैयारी को दर्शाती है। इसके साथ ही यह संकेत मिलता है कि सरकार देश की सुरक्षा को लेकर अत्यंत गंभीर है और किसी भी संभावित हमले के लिए पूरी तरह तैयार है।
रेलवे और शहरों में सुरक्षा बढ़ाई गई
इजरायली चेतावनी के बाद ईरान की सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत रेल नेटवर्क और प्रमुख स्टेशनों पर सुरक्षा बढ़ा दी है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे ट्रेन और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग अगले 12 घंटे तक न करें। सरकारी और निजी मीडिया ने भी यात्रियों को सतर्क रहने के निर्देश जारी किए हैं।
यह स्थिति ईरान और मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव को दर्शाती है। नागरिकों के लिए अलर्ट जारी करना सरकार और सेना की प्राथमिकता है ताकि किसी भी बड़े हमले से पहले सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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