स्विट्जरलैंड ने ईरान और अमेरिका के बीच जारी युद्ध के बीच एक बड़ा फैसला लिया है। स्विस फेडरल काउंसिल ने अपने एयरस्पेस का इस्तेमाल अमेरिकी सैन्य विमानों के लिए सीमित कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, 15 मार्च को अमेरिका के दो रिकॉनिसेंस विमानों को स्विट्जरलैंड के हवाई क्षेत्र से गुजरने की अनुमति नहीं दी गई। स्विट्जरलैंड ने इसे अपनी पुरानी तटस्थ नीति के तहत किया है। सरकारी बयान में कहा गया कि युद्ध से जुड़े किसी भी सैन्य अभियान में स्विस एयरस्पेस का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
स्विट्जरलैंड ने साफ किया कि यह रोक सिर्फ युद्ध से जुड़े उड़ानों पर लागू होगी। वहीं, मानवीय और मेडिकल सहायता से जुड़ी फ्लाइट्स को अनुमति दी जाएगी। उदाहरण के तौर पर, घायल लोगों को ले जाने वाले विमान या राहत सामग्री भेजने वाले विमान स्विस एयरस्पेस का इस्तेमाल कर सकते हैं। सरकार ने बताया कि इस फैसले के पीछे यह दृष्टिकोण है कि स्विट्जरलैंड युद्ध में सीधे शामिल नहीं होना चाहता और तटस्थ रहने की नीति को बनाए रखना चाहता है।
अमेरिका-ईरान युद्ध और इसका वर्तमान परिदृश्य
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है। यह संघर्ष 28 फरवरी से शुरू हुआ, जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमले किए। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस युद्ध में अब तक 2,000 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें अधिकांश ईरान के नागरिक हैं। युद्ध का प्रभाव वैश्विक तेल आपूर्ति पर भी दिखाई दे रहा है। अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खाड़ी क्षेत्र से तेल प्राप्त करने वाले देशों से अपील की है कि वे अपने जहाजों की सुरक्षा के लिए नौसेना भेजें।
Today the Swiss government discussed military overflight requests from the US. Citing the law of neutrality, the Federal Council rejected two requests made in connection with the war in Iran. It decided to permit three flights. Details in DE/FR/IT: https://t.co/Dps46MlpBG
— Swiss Federal Government (@SwissGov) March 14, 2026
ईरान ने अमेरिका के खर्ग द्वीप पर हमले के बाद कड़ी चेतावनी दी है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। इस दौरान स्विट्जरलैंड का निर्णय अमेरिका के लिए एक अप्रत्याशित झटका साबित हुआ है, क्योंकि अमेरिकी विमानों को रणनीतिक रूप से यूरोप और मध्य पूर्व के बीच मुक्त हवाई मार्ग की जरूरत थी।
स्विट्जरलैंड की तटस्थ नीति और कूटनीतिक संदेश
स्विट्जरलैंड ने हमेशा से युद्ध और संघर्ष के मामलों में तटस्थ रहने की नीति अपनाई है। इस बार भी उसने साफ कर दिया है कि उसका एयरस्पेस युद्धकारी विमानों के लिए खुला नहीं रहेगा। फेडरल ऑफिस ऑफ सिविल एविएशन के अधिकारियों ने बताया कि इस फैसले की समीक्षा कई अनुरोधों के आधार पर की गई थी। इस नीति का उद्देश्य न केवल देश की सुरक्षा को बनाए रखना है, बल्कि यह एक कूटनीतिक संदेश भी है कि स्विट्जरलैंड युद्ध में शामिल नहीं होना चाहता।
तीन अन्य अमेरिकी फ्लाइट्स को अनुमति दी गई है। इनमें दो ट्रांसपोर्ट विमान और एक मेंटेनेंस से जुड़ी उड़ान शामिल हैं। इसका मतलब है कि स्विस प्रशासन मानवीय सहायता, आपूर्ति और तकनीकी कार्यों के लिए अपने एयरस्पेस का इस्तेमाल करने की अनुमति देता है, लेकिन सीधे युद्ध से जुड़े मिशनों पर रोक लगाता है।
वैश्विक तनाव और भविष्य की चुनौतियां
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध के बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। तेल की कीमतों में उछाल, अंतरराष्ट्रीय नौवहन मार्गों में बाधा और वैश्विक राजनीतिक संतुलन पर असर इस संघर्ष के महत्वपूर्ण पहलू बन गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि स्विट्जरलैंड जैसे तटस्थ देशों का यह कदम युद्ध की जटिलताओं को और भी स्पष्ट कर देता है। स्विट्जरलैंड की तटस्थ नीति और एयरस्पेस प्रतिबंध इस बात को दर्शाते हैं कि युद्ध के चलते हर देश अपने हित और सुरक्षा के लिए अलग-अलग रणनीति अपना रहा है। आने वाले हफ्तों में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ सकता है और स्विट्जरलैंड का यह कदम वैश्विक कूटनीति में नई हलचल पैदा कर सकता है।
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