अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब शहर के मेयर ज़ोहरान ममदानी के आधिकारिक आवास ग्रेसी मेंशन के बाहर संदिग्ध विस्फोटक जैसे उपकरण मिलने की खबर सामने आई। न्यूयॉर्क पुलिस विभाग (NYPD) ने इस मामले में दो संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया है और पूरे घटनाक्रम की गहन जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब इलाके में एक विरोध प्रदर्शन और उसके जवाब में दूसरा प्रदर्शन चल रहा था। इसी दौरान कुछ लोगों ने कथित तौर पर विस्फोटक जैसी चीजों में आग लगाकर उन्हें फेंकने की कोशिश की, जिससे वहां मौजूद लोगों में डर और भगदड़ का माहौल बन गया। पुलिस के मुताबिक, यह घटना बेहद संवेदनशील मानी जा रही है क्योंकि यह शहर के मेयर के आधिकारिक आवास के बाहर हुई। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में मेयर ज़ोहरान ममदानी और उनकी पत्नी पूरी तरह सुरक्षित हैं। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने इलाके को घेर लिया और संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी।
वीडियो में सामने आई संदिग्ध गतिविधि
घटना के बाद सोशल मीडिया और स्वतंत्र समाचार एजेंसी फ्रीडमन्यूज़ द्वारा जारी एक वीडियो ने इस मामले को और गंभीर बना दिया। वीडियो में कथित तौर पर देखा जा सकता है कि एक संदिग्ध व्यक्ति दूसरे व्यक्ति को एक संदिग्ध पैकेट या उपकरण सौंप रहा है। यह दृश्य गिरफ्तारी से कुछ ही समय पहले का बताया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटनास्थल से एक ऐसा उपकरण बरामद किया गया है जिसे काले टेप से लपेटा गया था। उस जारनुमा वस्तु के अंदर नट-बोल्ट, पेंच और एक फ्यूज जैसी चीजें भरी हुई थीं। पुलिस को शक है कि यह एक अस्थायी विस्फोटक उपकरण हो सकता है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह उपकरण वास्तव में विस्फोटक था या सिर्फ डर फैलाने के लिए बनाया गया था। घटना के समय इलाके में रमजान के दौरान आयोजित एक इस्लाम विरोधी प्रदर्शन और उसके जवाब में एक बड़ा जवाबी प्रदर्शन चल रहा था। इसी वजह से माहौल पहले से ही तनावपूर्ण था और अचानक हुई इस घटना ने स्थिति को और अधिक संवेदनशील बना दिया।
पुलिस कमिश्नर ने बताई जांच की दिशा
न्यूयॉर्क पुलिस विभाग की कमिश्नर जेसिका एस टिस्क ने इस मामले पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि बरामद की गई वस्तुओं का विशेषज्ञों द्वारा विश्लेषण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह उपकरण आकार में फुटबॉल से थोड़ा छोटा था और इसे इस तरह तैयार किया गया था कि उसमें आग लगाकर फेंका जा सके। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब संदिग्धों ने उपकरण में आग लगाई तो कुछ देर के लिए धुआं और छोटी-मोटी लपटें भी दिखाई दीं। हालांकि किसी बड़े विस्फोट की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि फिलहाल यह जांच की जा रही है कि यह असली विस्फोटक था या सिर्फ धमकाने और डर फैलाने के उद्देश्य से बनाया गया था। जांच टीम घटनास्थल से मिले हर सबूत की फोरेंसिक जांच कर रही है। इसके अलावा उस वीडियो की भी जांच की जा रही है जिसमें संदिग्धों के बीच उपकरण का आदान-प्रदान दिख रहा है। पुलिस का मानना है कि इस घटना के पीछे प्रदर्शन के दौरान बढ़ा तनाव भी एक कारण हो सकता है।
प्रदर्शन के दौरान बढ़ा तनाव, कई लोग हिरासत में
रिपोर्ट्स के अनुसार, घटना के लगभग 20 मिनट बाद एक 18 वर्षीय प्रदर्शनकारी ने जलती हुई वस्तु को विरोध कर रहे लोगों की दिशा में फेंक दिया। वह वस्तु सड़क के चौराहे के पास जाकर गिरी। इसके बाद उसने अपने 19 वर्षीय साथी से दूसरा उपकरण लाने को कहा। आरोप है कि दूसरे युवक ने भी एक ज्वलनशील वस्तु में आग लगाई और पुलिस के पहुंचने से पहले उसे सड़क पर फेंक दिया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इलाके में छापेमारी की और कुल छह लोगों को हिरासत में लिया। इनमें से दो युवकों को मुख्य संदिग्ध माना जा रहा है। फिलहाल पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस घटना की पहले से कोई योजना बनाई गई थी। दूसरी ओर मेयर ज़ोहरान ममदानी के प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा कि इस तरह की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले लोगों को कई तरह के खतरों का सामना करना पड़ता है। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही हैं और जल्द ही सच्चाई सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है।








