पाकिस्तान में सेना और राजनीतिक सत्ता के बीच लंबे समय से तनाव रहा है। अब पाकिस्तान ने 27वें अमेंडमेंट के जरिए एक नया पद बनाया है – चीफ ऑफ डिफेंस फोर्स (CDF)। इसी पद के पहले अध्यक्ष बने हैं आसिम मुनीर, जिन्हें अब देश की तीनों सेनाओं – आर्मी, एयर फोर्स और नेवी – के नियंत्रण का अधिकार मिला है। यह कदम पाकिस्तान की राजनीतिक और सैन्य संरचना में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
इमरान खान के बाद मुनीर की चमक
पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के सत्ता से हटने के बाद पाकिस्तान में सत्ता समीकरण बदल गया। इस बदलाव के बीच आसिम मुनीर की किस्मत भी पलटी, और उन्हें अब सर्वोच्च सैन्य शक्ति का जिम्मा सौंपा गया। सेना हमेशा से सत्ता पर असर डालने के लिए चर्चित रही है, लेकिन इस बार संविधान के जरिए इसे वैधानिक अधिकार दिया गया।
तीनों सेनाओं का एक प्रमुख
पहले पाकिस्तान की सबसे वरिष्ठ सैन्य भूमिका ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी (CJCSC) थी, जिसे अब समाप्त कर दिया गया है। 1976 में यह पद पूर्व प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो द्वारा बनाया गया था। नए संशोधन के बाद आसिम मुनीर अगले पांच साल के लिए तीनों सेनाओं के प्रमुख होंगे और उनका पद सभी सैन्य निर्णयों में निर्णायक भूमिका निभाएगा।
पाकिस्तान की नई ताकत का प्रभाव
आसिम मुनीर के पास अब न केवल सेना का बल्कि परमाणु हथियारों पर भी नियंत्रण है, जो पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय छवि और सुरक्षा रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस कदम को देश में और विदेश में सुरक्षा, राजनीति और कूटनीति के नजरिए से व्यापक रूप से देखा जा रहा है। विश्लेषक मानते हैं कि मुनीर की भूमिका पाकिस्तान के सैन्य और राजनीतिक संतुलन को मजबूत करने में निर्णायक साबित होगी।
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