अमेरिका का चौंकाने वाला खुलासा: डोनाल्ड ट्रंप बोले- ‘ईरानी लोग बहुत ताकतवर, मैं उनका…’

US Israel Iran War: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने सभी को हैरान कर दिया। टाइम मैगज़ीन के साथ इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, “ईरानी लोग बहुत ही शक्तिशाली और दर्द सहन करने में सक्षम हैं। मैं उनका सम्मान करता हूं।”

ट्रंप ने यह भी बताया कि ईरान के लोग लड़ाई में उतने खतरनाक नहीं हैं, बल्कि बातचीत करने और कूटनीति में माहिर हैं। उनका कहना है कि अब ईरान के साथ संवाद करने का सही समय है और वह जल्द ही समझौते की दिशा में कदम उठाना चाहते हैं। विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान युद्ध की रणनीति में बदलाव का संकेत देता है और भविष्य के सैन्य या कूटनीतिक कदमों पर असर डाल सकता है।

इजरायल के लिए ट्रंप का भरोसा

ट्रंप ने यह स्पष्ट किया कि इजरायल अमेरिका का प्रमुख सहयोगी है और अमेरिका के कदमों का अनुसरण करेगा। उन्होंने कहा, “इजरायल वही करेगा जो मैं उनसे कहूंगा। बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व वाला तेल अवीव का सत्ता केंद्र मेरे आदेश का पालन करेगा।”

इस बयान से स्पष्ट होता है कि ट्रंप युद्ध के दौरान इजरायल को सीधे निर्देश देने और उनकी रणनीति पर नियंत्रण रखने की स्थिति में हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इजरायल केवल तभी कार्रवाई करेगा जब उसे उकसाया न जाए। ट्रंप का यह रवैया उनके पिछले बयान से अलग प्रतीत होता है, जिसमें उन्होंने युद्ध के निर्णय को दोनों पक्षों के संयुक्त फैसले के रूप में बताया था।

युद्ध की पृष्ठभूमि और ट्रंप की भूमिका

इस जंग की शुरुआत 28 फरवरी को हुई थी, जब ट्रंप के निर्देश पर ईरान के खिलाफ ऑपरेशन ‘एपिक फ्यूरी’ शुरू किया गया। इस ऑपरेशन के दौरान ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या की गई। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस अभियान के चलते अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया।

ट्रंप ने अपने प्रशासन के भीतर से लीक हुई जानकारियों से नाराज होकर 27 फरवरी को इस अभियान को रोकने का संकेत भी दिया था। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप की यह रणनीति युद्ध को नियंत्रित रखने और अनावश्यक बड़े संघर्ष से बचाने की कोशिश थी। उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध केवल सैन्य कदमों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कूटनीति और वैश्विक दबाव भी शामिल हैं।

युद्ध की समाप्ति और भविष्य की दिशा

ट्रंप ने स्पष्ट किया कि युद्ध कब खत्म होगा, यह निश्चित रूप से कहना कठिन है, लेकिन उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही कूटनीतिक समाधान निकल सकता है। उनका कहना है कि ईरान के साथ बातचीत और समझौता ही सबसे सुरक्षित और स्थायी समाधान होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान केवल राजनीतिक बयान नहीं है, बल्कि अमेरिका और इजरायल की सैन्य रणनीति पर भी असर डाल सकता है। उनका दृष्टिकोण यह दर्शाता है कि ईरान की ताकत और क्षमता को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। युद्ध की समाप्ति, सैन्य कार्रवाई और कूटनीतिक प्रयास अब पूरी दुनिया की निगाहों में हैं।

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