सोशल मीडिया की दुनिया में कब कौन सा वीडियो चर्चा का विषय बन जाए, यह कहना मुश्किल है। इन दिनों एक छोटा सा वीडियो इंटरनेट पर जबरदस्त तरीके से वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला ऑटो चालक के बगल में आगे वाली सीट पर बैठी नजर आ रही है। बस इसी दृश्य ने सोशल मीडिया को दो हिस्सों में बांट दिया है। कुछ लोग ऑटो ड्राइवर की शालीनता और संवेदनशीलता की तारीफ कर रहे हैं, तो कुछ यूजर्स महिला को लेकर आपत्तिजनक और तीखी टिप्पणियां कर रहे हैं। कुछ ही सेकंड की इस क्लिप ने जेंडर रिस्पेक्ट, सोशल मीडिया जजमेंट और पब्लिक बिहेवियर जैसे मुद्दों पर बहस छेड़ दी है।
वीडियो में क्या दिखा जिसने बढ़ा दी बहस?
यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Instagram पर @hi.mani8714 नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि एक महिला ई-रिक्शा चालक के बगल वाली आगे की सीट पर बैठी है। ड्राइवर गाड़ी चला रहा है और महिला सामान्य तरीके से बैठी नजर आती है।
लेकिन लोगों का ध्यान जिस बात पर गया, वह यह था कि ड्राइवर महिला से दूरी बनाए रखने के लिए थोड़ा एक तरफ खिसककर बैठा हुआ दिख रहा है। इतना ही नहीं, वह दोनों हैंडल पकड़ने के बजाय एक हाथ से ई-रिक्शा चलाता हुआ दिखाई देता है। यही दृश्य सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बन गया। कुछ लोगों ने इसे ड्राइवर की सज्जनता और मर्यादा का उदाहरण बताया, जबकि कुछ ने सवाल उठाया कि क्या इस स्थिति में सुरक्षा से समझौता हो रहा था।
View this post on Instagram
सोशल मीडिया पर दो धड़े, तीखे कमेंट्स की बौछार
वीडियो वायरल होते ही कमेंट सेक्शन में प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। एक यूजर ने लिखा, “इंसानियत का असली चेहरा दिखाया है रिक्शा वाले ने।” वहीं दूसरे ने कहा, “रिक्शा वाले के लिए एक रिस्पेक्ट बटन तो बनता है।” कुछ लोगों ने ड्राइवर की परवरिश और संस्कार की तारीफ करते हुए लिखा कि परिवार ने उसे महिलाओं का सम्मान करना सिखाया है।
दूसरी ओर, कुछ यूजर्स ने महिला को लेकर सवाल उठाए। किसी ने पूछा, “पीछे की सीट खाली नहीं थी क्या?” तो किसी ने कहा, “कम से कम आप ड्राइवर से कह सकती थीं कि दोनों हाथ से रिक्शा चला लें।” कुछ टिप्पणियां बेहद आपत्तिजनक और असंवेदनशील भी थीं, जिनमें महिला के इरादों पर सवाल खड़े किए गए। एक यूजर ने लिखा कि “बेचारा सिकुड़कर बैठा है, कहीं टच हो गया तो मामला बना देगी।” वहीं एक अन्य ने कहा कि आजकल झूठे आरोपों के डर से लोग सावधान रहते हैं।
इन प्रतिक्रियाओं ने यह दिखाया कि सोशल मीडिया पर किसी भी छोटी घटना को लेकर लोग कितनी जल्दी निष्कर्ष निकाल लेते हैं। बिना पूरी परिस्थिति जाने, कमेंट्स में तीखी राय देना आम बात हो गई है।
जेंडर रिस्पेक्ट या ओवर रिएक्शन? बड़ा सवाल
यह वीडियो सिर्फ एक सवारी का दृश्य हो सकता है, लेकिन इसने समाज के सोचने के तरीके पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। क्या यह ड्राइवर की संवेदनशीलता थी या जरूरत से ज्यादा सतर्कता? क्या महिला का आगे बैठना गलत था या यह सामान्य बात है?
विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले वीडियो अक्सर अधूरी कहानी दिखाते हैं। कुछ सेकंड के क्लिप के आधार पर किसी के चरित्र या इरादों पर सवाल उठाना सही नहीं है। जेंडर रिस्पेक्ट का मतलब यह नहीं कि हर स्थिति को शक की नजर से देखा जाए।
इस घटना ने यह भी दिखाया कि इंटरनेट पर लोग कितनी जल्दी दो खेमों में बंट जाते हैं। एक पक्ष ड्राइवर की तारीफ में जुट जाता है, तो दूसरा बिना सोचे-समझे महिला को निशाना बनाने लगता है। ऐसे मामलों में जरूरत है संतुलित सोच और जिम्मेदार कमेंट की।
फिलहाल, यह वीडियो तेजी से शेयर किया जा रहा है और लाखों व्यूज बटोर चुका है। लेकिन असली सवाल यही है कि क्या हम सोशल मीडिया पर किसी भी घटना को देखने और समझने से पहले ठहरकर सोचते हैं? या फिर तुरंत जजमेंट पास कर देते हैं?








