2.5 घंटे का दावा… लेकिन असल में कितना लगा समय? दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की सच्चाई ने सबको चौंकाया!

दिल्ली से देहरादून के बीच सफर को आसान और तेज बनाने के लिए बने Delhi Dehradun Expressway को लेकर बड़ा दावा किया गया था कि इस हाईटेक सड़क पर यात्रा सिर्फ ढाई घंटे में पूरी हो सकती है। इसी दावे को परखने के लिए एक कपल ने रोड ट्रिप प्लान किया और पूरे सफर को कैमरे में रिकॉर्ड किया। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर खुशाग्र गांधी अपनी पत्नी के साथ एसयूवी कार से सुबह करीब 11 बजे दिल्ली से रवाना हुए। उन्होंने सफर के हर पड़ाव पर समय नोट किया और सड़क की स्थिति, ट्रैफिक और नेविगेशन से जुड़ी हर जानकारी साझा की, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।

2 घंटे 20 मिनट में पहुंचकर चौंकाया

इस सफर का सबसे दिलचस्प पहलू यह रहा कि कपल तय समय से भी पहले देहरादून पहुंच गया। जब उन्होंने अपनी यात्रा पूरी की, तब घड़ी में दोपहर 1 बजकर 21 मिनट हो रहे थे। यानी उन्होंने करीब 2 घंटे 20 मिनट में दूरी तय कर ली, जो कि सरकार के 2.5 घंटे के दावे से भी कम है। हालांकि, सफर के दौरान उन्हें कुछ तकनीकी दिक्कतों का सामना भी करना पड़ा, जैसे कि मैप बार-बार रीरूट हो रहा था। इसके बावजूद सड़क की क्वालिटी और ड्राइविंग एक्सपीरियंस को उन्होंने शानदार बताया। इस वीडियो के सामने आने के बाद लोगों के बीच इस एक्सप्रेसवे को लेकर उत्सुकता और बढ़ गई है।

वाइल्डलाइफ कॉरिडोर और हाईटेक फीचर्स बने आकर्षण

इस एक्सप्रेसवे की खासियत सिर्फ इसकी स्पीड नहीं, बल्कि इसके आधुनिक फीचर्स भी हैं। सफर के दौरान कपल एक 12 किलोमीटर लंबे वाइल्डलाइफ कॉरिडोर से गुजरा, जिसे खासतौर पर जंगली जानवरों की सुरक्षा के लिए बनाया गया है। यहां एलिवेटेड रोड और चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं, ताकि ड्राइवर सतर्क रहें। इसके अलावा, यह 6 लेन का हाईवे है जिसे भविष्य में 8 लेन तक बढ़ाया जा सकता है। सड़क पर सीसीटीवी कैमरे, स्पीड मॉनिटरिंग सिस्टम और बेहतर ट्रैफिक मैनेजमेंट जैसी सुविधाएं इसे और सुरक्षित बनाती हैं। इस वजह से ड्राइविंग अनुभव स्मूद और आरामदायक हो जाता है।

 एक्सप्रेसवे को लेकर उत्साह

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने जमकर प्रतिक्रिया दी। कुछ यूजर्स ने औसत स्पीड के बारे में सवाल पूछे, तो कुछ ने बाइक की एंट्री को लेकर जानकारी मांगी। कई लोगों ने बताया कि इस एक्सप्रेसवे पर बाइक चलाने की अनुमति नहीं है। वहीं टोल फीस को लेकर भी चर्चा हुई, जिसमें एक तरफ का टोल करीब 675 रुपये बताया गया। इसके बावजूद ज्यादातर लोगों ने इस प्रोजेक्ट की तारीफ की और इसे यात्रा के लिए एक बड़ा बदलाव बताया। कुल मिलाकर, यह एक्सप्रेसवे दिल्ली-एनसीआर और उत्तराखंड के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करने के साथ-साथ सफर को तेज, सुरक्षित और आरामदायक बना रहा है।

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