बरसों तक बेजान खिलौनों से लिपटकर सोया ‘पंच’, अब चिड़ियाघर में मिला अपना ‘सच्चा प्यार’; वीडियो देख आपकी भी आँखें भर आएंगी!

Viral Video: इंटरनेट की दुनिया में अगर किसी जानवर ने सबसे ज्यादा आंसू और मुस्कान बटोरी है, तो वह है नन्हा बंदर ‘पंच’। अपनी मासूम आंखों और अकेलेपन की दर्दभरी दास्तां से करोड़ों लोगों का दिल जीतने वाला पंच अब एक नई वजह से चर्चा में है। लंबे समय से एक पुराने तकिए और बेजान खिलौनों को अपनी ‘मां’ समझकर लिपटकर सोने वाला यह बेबी मंकी अब अकेला नहीं रहा। सोशल मीडिया पर एक वीडियो बिजली की रफ्तार से वायरल हो रहा है, जिसमें पंच अपनी नई साथी ‘मोमोचन’ के साथ नजर आ रहा है। जापान के उसी चिड़ियाघर से, जहां पंच की परवरिश हो रही है, आई इस खबर ने उन सभी प्रशंसकों को राहत दी है जो पंच के लिए हमेशा दुआएं मांगते थे। इस मुलाकात ने न केवल पंच की जिंदगी बदल दी है, बल्कि यह साबित कर दिया है कि कुदरत के बनाए रिश्तों की जगह कोई मशीन या खिलौना कभी नहीं ले सकता।

तन्हाई के साये में बीता बचपन

पंच की कहानी किसी फिल्म की पटकथा जैसी लगती है। जन्म के समय ही अपनी मां से बिछड़ जाने के कारण वह इंसानों के बीच पला-बढ़ा, लेकिन उसके भीतर की तड़प हमेशा उसे बेचैन रखती थी। वह अक्सर चिड़ियाघर के रखवालों द्वारा दिए गए सॉफ्ट टॉयज से चिपका रहता था, मानो वह उनमें अपनी मां की धड़कन ढूंढ रहा हो। लेकिन अब उसकी जिंदगी में ‘मोमोचन’ की एंट्री ने सब कुछ बदल दिया है। मोमोचन एक नन्ही मादा बंदर है, जिसे विशेषज्ञों की देखरेख में पंच के साथ मिलाया गया है। पहली बार जब दोनों ने एक-दूसरे को देखा, तो चिड़ियाघर के कर्मचारी भी भावुक हो गए। मोमोचन ने बिना डरे पंच की ओर हाथ बढ़ाया और पंच, जो अब तक केवल इंसानों या खिलौनों पर भरोसा करता था, तुरंत उसके पास खिंचा चला गया। यह महज एक मुलाकात नहीं थी, बल्कि दो अकेले रूहों का मिलन था।

खिलौनों को कहा अलविदा

वीडियो में सबसे दिलचस्प बात यह है कि पंच अब उन पुराने खिलौनों की ओर मुड़कर भी नहीं देख रहा है, जिनके बिना वह एक पल नहीं रह पाता था। अब उसके पास मोमोचन है, जिससे वह कुश्ती लड़ता है, जिसके साथ वह पेड़ की टहनियों पर झूलता है और थकने के बाद जिसके कंधे पर सिर रखकर सो जाता है। चिड़ियाघर के डॉक्टरों का कहना है कि पंच के व्यवहार में आया यह बदलाव अद्भुत है। पहले वह बहुत शांत और डरा हुआ रहता था, लेकिन मोमोचन के आने के बाद वह काफी सक्रिय (Active) हो गया है। दोनों के बीच की ‘बॉन्डिंग’ इतनी मजबूत है कि अब वे एक-दूसरे के बिना खाना भी नहीं खाते। रखवालों का कहना है कि बंदरों के विकास के लिए अपनी ही प्रजाति के साथ रहना सबसे जरूरी होता है, और मोमोचन ने पंच को वही ‘प्राकृतिक परिवार’ दिया है जिसकी उसे सबसे ज्यादा जरूरत थी।

सोशल मीडिया पर ‘पंच-मोमोचन’ की जोड़ी का जलवा

जैसे ही इस जोड़ी का वीडियो सामने आया, कमेंट सेक्शन भावनाओं के सैलाब से भर गया। इंस्टाग्राम, टिकटॉक और फेसबुक पर लोग इस नन्हीं प्रेम कहानी के दीवाने हो गए हैं। कोई उन्हें ‘बेस्ट फ्रेंड्स फॉरएवर’ कह रहा है, तो कोई इसे ‘लव एट फर्स्ट साइट’ का नाम दे रहा है। नेटिजन्स का कहना है कि पंच की आंखों में जो खुशी अब दिख रही है, वह पहले कभी नहीं थी। कई यूजर्स ने लिखा कि “हमें खुशी है कि अब पंच को रात में किसी बेजान खिलौने की जरूरत नहीं पड़ेगी।” यह वीडियो न केवल मनोरंजन कर रहा है, बल्कि दुनिया भर के चिड़ियाघरों के लिए एक मिसाल पेश कर रहा है कि जानवरों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए साथी का होना कितना अनिवार्य है। अब हर कोई पंच और मोमोचन की हर नई हरकत को देखने के लिए बेताब है और उनकी यह दोस्ती इंटरनेट की सबसे बड़ी ‘फील-गुड’ स्टोरी बन चुकी है।

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