पहले ही प्रयास में रचा इतिहास… बस्ती के देवरी की बेटी रितिका शुक्ला बनीं असिस्टेंट कमिश्नर, इलाके में जश्न का माहौल

Basti News: उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के हरैया क्षेत्र के देवरी गांव से एक ऐसी प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जिसने न सिर्फ स्थानीय लोगों को गर्व से भर दिया है, बल्कि पूरे प्रदेश के युवाओं को नई दिशा भी दी है। रितिका शुक्ला नाम ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (PCS) की परीक्षा में अपने पहले ही प्रयास में सफलता हासिल कर असिस्टेंट कमिश्नर (कमर्शियल टैक्स) के पद पर जगह बनाई है। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि इस परीक्षा को देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में गिना जाता है। जैसे ही यह खबर सामने आई, उनके गांव और आसपास के क्षेत्रों में खुशी की लहर दौड़ गई। हर कोई इस सफलता को अपनी जीत मानकर जश्न मना रहा है।

मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य की स्पष्टता बनी सफलता की कुंजी

रितिका शुक्ला की सफलता किसी एक दिन की मेहनत का नतीजा नहीं, बल्कि लंबे समय से किए गए समर्पण और अनुशासन का परिणाम है। उन्होंने खुद बताया कि उन्होंने शुरू से ही अपने लक्ष्य को स्पष्ट रखा और उसी के अनुसार अपनी पढ़ाई की रणनीति बनाई। पढ़ाई के दौरान उन्होंने समय प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया और हर विषय को गहराई से समझने की कोशिश की। कठिन विषयों से भागने के बजाय उन्हें समझकर मजबूत बनाया। उनकी यह सोच ही उन्हें बाकी उम्मीदवारों से अलग बनाती है। रितिका ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और अपनी निरंतर मेहनत को दिया। उनका मानना है कि अगर व्यक्ति ईमानदारी से प्रयास करता है, तो सफलता जरूर मिलती है।

परिवार और समाज के लिए गर्व का पल

रितिका की इस उपलब्धि से उनके परिवार में खुशी का माहौल है। जैसे ही परीक्षा परिणाम घोषित हुआ, उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। रिश्तेदार, पड़ोसी और जानने वाले सभी लोग उनकी मेहनत की सराहना कर रहे हैं। खास बात यह है कि देवरी गांव के लोग भी इस सफलता को अपनी उपलब्धि मान रहे हैं। हरैया क्षेत्र के बुजुर्गों और युवाओं का कहना है कि रितिका ने पूरे बस्ती जिले का नाम रोशन किया है। उनके माता-पिता के चेहरे पर गर्व साफ देखा जा सकता है। यह सफलता केवल एक पद पाने की नहीं, बल्कि पूरे समाज में सकारात्मक संदेश फैलाने की भी है।

युवाओं और बेटियों के लिए बनी प्रेरणा

रितिका शुक्ला की कहानी खासकर लड़कियों के लिए प्रेरणादायक बन गई है। छोटे शहर और सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने यह साबित कर दिया कि अगर मन में दृढ़ संकल्प हो, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। उनकी सफलता ने क्षेत्र की कई बेटियों को आगे बढ़ने का हौसला दिया है। अब कई युवा उन्हें अपना रोल मॉडल मानकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। रितिका ने यह संदेश दिया है कि परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, मेहनत और लगन से हर मंजिल हासिल की जा सकती है। आने वाले समय में उनसे और भी बेहतर काम की उम्मीद की जा रही है, जिससे वे समाज और देश के विकास में योगदान दे सकें।

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