Saturday, January 31, 2026

मुस्लिम युवक पर इनाम घोषित, हिंदू युवती को ले जाने आरोपी को महंत यशवीर ने दिया 7 दिन अल्टीमेटम

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के तितावी थाना क्षेत्र में एक हिंदू युवती के लापता होने का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। पुलिस के अनुसार, युवती को गांव से भगा ले जाने का आरोप मुस्लिम युवक आरिफ पर है, जो तीन बच्चों का पिता बताया जा रहा है। कई दिनों तक तलाश और दबिश के बावजूद जब आरोपी का कोई सुराग नहीं मिला, तो पुलिस ने उस पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया। तितावी थानाध्यक्ष पवन चौधरी ने आरोपी की फोटो के साथ एक आधिकारिक संदेश जारी कर लोगों से सूचना देने की अपील की है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि आरोपी के बारे में जानकारी देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। थाना स्तर से घोषित इस इनाम को पुलिस की कार्रवाई को तेज करने और आरोपी तक जल्द पहुंचने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस का कहना है कि युवती की सुरक्षित बरामदगी उनकी प्राथमिकता है और इस दिशा में हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

महंत स्वामी यशवीर का 7 दिन का अल्टीमेटम

मामले ने उस समय और गंभीर रूप ले लिया जब योग साधना यशवीर आश्रम के महंत स्वामी यशवीर ने सार्वजनिक रूप से सात दिन का अल्टीमेटम दे दिया। उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि यदि सात दिनों के भीतर युवती सुरक्षित वापस नहीं लाई गई, तो आरोपी के मोहल्ले का घेराव किया जाएगा। स्वामी यशवीर ने आरोप लगाया कि आरोपी ने युवती को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है और इसे उन्होंने “लव जिहाद” का मामला बताया। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी तीन बच्चों का पिता है और पहले से शादीशुदा होने के बावजूद इस तरह की घटना को अंजाम दिया। महंत के इस बयान के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया है। हालांकि, पुलिस प्रशासन लगातार शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है और लोगों से कानून अपने हाथ में न लेने की बात कह रहा है।

आरोपी के बारे में आरोप और उठते सवाल

स्वामी यशवीर ने अपने बयान में यह भी आरोप लगाया कि आरोपी आरिफ पिछले करीब आठ वर्षों से युवती के गांव में झोलाछाप डॉक्टर बनकर काम कर रहा था। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतने लंबे समय तक बिना वैध डिग्री के कोई व्यक्ति कैसे चिकित्सा का काम करता रहा और विभाग को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई। इस बयान के बाद स्वास्थ्य विभाग की भूमिका पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। महंत का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई होती, तो शायद यह घटना टल सकती थी। वहीं, पुलिस का कहना है कि इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। पुलिस यह भी स्पष्ट कर चुकी है कि फिलहाल उनका ध्यान युवती की बरामदगी और आरोपी की गिरफ्तारी पर केंद्रित है।

पुलिस की स्थिति स्पष्ट, शांति बनाए रखने की अपील

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इनाम घोषित करना एक नियमित प्रक्रिया है और इसका उद्देश्य आरोपी की गिरफ्तारी में तेजी लाना है। तितावी थानाध्यक्ष पवन चौधरी ने साफ किया कि 10 हजार रुपये का इनाम थाना स्तर से रखा गया है और पुलिस लगातार दबिश दे रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर दिए जा रहे बयानों से माहौल बिगड़ सकता है, इसलिए लोग संयम बरतें। प्रशासन की ओर से यह संदेश दिया गया है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की अवैध या उकसावे वाली गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उधर, इलाके में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। पूरे मामले पर जिले के वरिष्ठ अधिकारी भी नजर बनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा कि पुलिस की कार्रवाई कितनी तेजी से नतीजे तक पहुंचती है और लापता युवती की सुरक्षित वापसी कब संभव हो पाती है।

 

Read More-रिश्तों पर लगा ऐसा दाग, जिसे देख कांप उठा शहर… दो मासूमों की मौत ने खोले समाज के डरावने सच

Hot this week

spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img