Thursday, January 22, 2026

ब्रह्मोस और रुद्राक्ष से सजी राखी ने दिखाई संस्कृति की ताकत, वाराणसी से अमेरिका रवाना

रक्षाबंधन के मौके पर वाराणसी की पारंपरिक गुलाबी मीनाकारी कला एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी चमक बिखेर रही है। इस बार खास बात यह रही कि मीनाकारी से सजी राखियों में सिर्फ़ कला नहीं, बल्कि देशभक्ति का रंग भी भर दिया गया। बनारस के वरिष्ठ गुलाबी मीनाकारी कलाकार कुंज बिहारी ने इस रक्षाबंधन पर ‘रुद्राक्ष’ और ‘ब्रह्मोस मिसाइल’ की डिज़ाइन से सजी अनोखी राखियां तैयार की हैं, जो अब सीधे अमेरिका के कैलिफोर्निया तक भेजी गई हैं। देश और संस्कृति से जुड़ी इन राखियों की मांग भारतीय मूल के लोगों के बीच तेजी से बढ़ी है।

जब राखी में रचा गया देशभक्ति का संगम

कुंज बिहारी के अनुसार, राखियों में रुद्राक्ष का प्रयोग सिर्फ़ धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा का भी संदेश देता है। वहीं ब्रह्मोस मिसाइल की डिज़ाइन वाली राखी देश की सैन्य ताकत और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन गई है। ये दोनों डिज़ाइन मिलकर एक ऐसी राखी तैयार करती हैं, जो भाई-बहन के रिश्ते के साथ-साथ भारत की सांस्कृतिक और सामरिक शक्ति को भी दर्शाती है। गुलाबी मीनाकारी की बारीक कलाकारी के चलते ये राखियाँ केवल राखी नहीं, बल्कि एक प्रकार की कलात्मक विरासत बन गई हैं, जिसे लोग संभाल कर रखना पसंद कर रहे हैं।

विदेशों में बढ़ी बनारसी राखियों की माँग

देश के प्रमुख त्योहारों पर बनारसी मीनाकारी की माँग विदेशों में तेजी से बढ़ रही है। कुंज बिहारी बताते हैं कि इस बार सिर्फ अमेरिका ही नहीं, बल्कि यूके, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और खाड़ी देशों से भी राखियों के ऑर्डर आए हैं। लोगों को भारत की परंपराओं से जुड़ाव बनाए रखने के लिए ये हस्तशिल्प बेहद आकर्षित कर रहे हैं। बनारसी कलाकारों के लिए यह न केवल गर्व की बात है, बल्कि रोज़गार के नए अवसर भी खोल रहा है। एक साधारण राखी को जब देशभक्ति और कला के संग मिलाया जाता है, तो वह वैश्विक मंच पर भारत की आवाज़ बन जाती है।

Read More-Raksha Bandhan 2025: 95 साल बाद बन रहा है दुर्लभ योग! इस दिन सावधानी नहीं बरती तो चूक सकते हैं शुभ लाभ

Hot this week

ODI अलविदा कहेंगे रविंद्र जडेजा? रिटायरमेंट को लेकर खुद दिया बड़ा ये संकेत

टीम इंडिया के अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा लंबे समय...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img