UP News: उत्तर प्रदेश के इटावा जिला अस्पताल में रविवार को उस समय अजीब स्थिति बन गई जब इलाज कराने आए एक मरीज ने डॉक्टर पर गंभीर आरोप लगा दिए। मरीज का कहना था कि डॉक्टर गुटखा खाकर इलाज कर रहे थे, जिसे देखकर उसे गुस्सा आ गया। इसी बात को लेकर अस्पताल की इमरजेंसी में मरीज और डॉक्टर के बीच कहासुनी शुरू हो गई। धीरे-धीरे यह बहस इतनी बढ़ गई कि वहां मौजूद अन्य लोग भी इकट्ठा हो गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया। मरीज ने साफ तौर पर कहा कि वह ऐसे डॉक्टर से इलाज नहीं कराएगा जो ड्यूटी के दौरान गुटखा खा रहा हो। मामला बढ़ने के बाद अस्पताल में काफी देर तक हंगामा होता रहा और वहां मौजूद मरीजों तथा उनके परिजनों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बंदर के काटने के बाद अस्पताल पहुंचा था युवक
जानकारी के अनुसार, यह युवक बंदर के काटने के बाद इलाज कराने के लिए जिला अस्पताल पहुंचा था। उसे एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाना था, इसलिए वह सीधे इमरजेंसी वार्ड में गया। जब डॉक्टर ने उसे इंजेक्शन लगाने की तैयारी की, तभी युवक ने आरोप लगाया कि डॉक्टर के मुंह में गुटखा है। इस बात पर उसने आपत्ति जताई और कहा कि अगर डॉक्टर इस हालत में इलाज करेंगे तो उसे भरोसा नहीं है कि सही तरीके से इलाज होगा। डॉक्टर ने उसे समझाने की कोशिश की कि इलाज में कोई समस्या नहीं होगी, लेकिन युवक अपनी बात पर अड़ा रहा। इसी वजह से दोनों के बीच बहस बढ़ती चली गई और मामला विवाद में बदल गया।
गुस्साए मरीज ने खुद पुलिस को बुला लिया
जब विवाद ज्यादा बढ़ गया तो युवक ने डायल-112 पर फोन कर पुलिस को बुला लिया। उसने पुलिस को बताया कि अस्पताल में डॉक्टर ठीक से इलाज नहीं कर रहे हैं और वह ऐसे माहौल में इंजेक्शन नहीं लगवाना चाहता। कुछ ही देर में पुलिस मौके पर पहुंच गई और दोनों पक्षों से बात की। पुलिस ने मरीज को समझाने की कोशिश की कि इलाज जरूरी है और डॉक्टर अपना काम कर रहे हैं। लेकिन युवक का कहना था कि उसे डॉक्टर पर भरोसा नहीं है। उसने यह भी कहा कि अगर डॉक्टर गुटखा खाकर इलाज करेंगे तो यह मरीजों की सेहत के साथ खिलवाड़ है। पुलिस के सामने भी वह इंजेक्शन लगवाने के लिए तैयार नहीं हुआ।
करीब आधे घंटे तक चला विवाद, अस्पताल की व्यवस्था पर उठे सवाल
बताया जा रहा है कि यह पूरा विवाद करीब आधे घंटे तक चलता रहा। इस दौरान इमरजेंसी वार्ड में काफी भीड़ लग गई और अन्य मरीजों को भी दिक्कत हुई। बाद में पुलिस ने स्थिति को शांत कराया और युवक को समझाकर वहां से हटाया गया। हालांकि इस घटना के बाद अस्पताल की व्यवस्था और अनुशासन को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि अस्पताल जैसी जगह पर डॉक्टरों और स्टाफ को पूरी जिम्मेदारी और साफ-सफाई के साथ काम करना चाहिए ताकि मरीजों का भरोसा बना रहे। वहीं अस्पताल प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की जानकारी ली जा रही है और अगर कोई लापरवाही सामने आती है तो उचित कार्रवाई की जाएगी।








