उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। मड़ियांव क्षेत्र में 17 साल की एक नाबालिग लड़की के लापता होने के बाद उसकी तलाश की जा रही थी, लेकिन कुछ दिनों बाद उसका शव गोमती नदी में संदिग्ध हालत में मिला। शव की स्थिति देखकर पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच हड़कंप मच गया। शुरुआती जांच में मामला बेहद संवेदनशील और गंभीर लग रहा था, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत जांच तेज कर दी।
किडनैपिंग की कहानी पर उठे सवाल
मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब लड़की के मौसा ने दावा किया कि उसका अपहरण कर लिया गया है। उसने पुलिस को एक पूरी कहानी सुनाई, जिसमें उसने खुद को भी पीड़ित बताने की कोशिश की। लेकिन जांच के दौरान पुलिस को उसकी बातों में कई विरोधाभास मिले। धीरे-धीरे यह साफ होने लगा कि किडनैपिंग की कहानी पूरी तरह से गढ़ी गई थी। पुलिस को शक हुआ कि आरोपी ने खुद ही सच्चाई छिपाने के लिए यह ड्रामा रचा था।
हत्या से पहले क्रूरता की आशंका
जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को जो संकेत मिले, वे बेहद चौंकाने वाले थे। आशंका जताई जा रही है कि लड़की के साथ पहले दरिंदगी की गई और फिर उसकी हत्या कर दी गई। इसके बाद शव को छिपाने के लिए गोमती नदी में फेंक दिया गया। इस मामले ने इलाके में गुस्से का माहौल पैदा कर दिया है। पुलिस ने आरोपी मौसा को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
सच्चाई सामने लाने की कोशिश जारी
पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आएगी। फिलहाल आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है और उसके मोबाइल व अन्य सबूतों की जांच की जा रही है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि दोषी को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। यह मामला एक बार फिर समाज में महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
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