Lucknow: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के गगनयान मिशन के लिए चयनित ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला मंगलवार को अपने पुराने स्कूल पहुँचे। लखनऊ स्थित इस स्कूल में उन्होंने अपने छात्र जीवन की यादें ताज़ा कीं और उन गलियारों में चले जहां कभी भविष्य की अनिश्चितता और मासूम डर का राज था। स्कूल के प्रांगण में बच्चों और शिक्षकों ने तालियों के साथ उनका भव्य स्वागत किया। शुभांशु ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, “जिन शिक्षकों से कभी डर लगता था, आज उन्हें देखकर गर्व होता है कि मैं उन्हीं की वजह से यहां तक पहुंचा।”
“बचपन की यादें और शिक्षकों का सम्मान”
स्कूल दौरे के दौरान शुभांशु शुक्ला बेहद भावुक दिखे। उन्होंने स्कूल की लाइब्रेरी, विज्ञान प्रयोगशाला और अपनी पुरानी कक्षा का दौरा किया। शिक्षकों के साथ बैठकर उन्होंने पुरानी बातें कीं और बताया कि कैसे उनके एक विज्ञान शिक्षक की एक कहानी ने उन्हें विज्ञान और अंततः अंतरिक्ष की ओर प्रेरित किया। उन्होंने छात्रों को मेहनत और अनुशासन का महत्व बताया और कहा कि “आपका सपना चाहे जितना भी बड़ा क्यों न हो, शुरुआत हमेशा स्कूल से होती है।”
“प्रेरणा बनते जा रहे हैं युवा पीढ़ी के लिए”
ग्रुप कैप्टन शुभांशु की इस यात्रा ने स्कूल के छात्रों को भी काफी प्रभावित किया। बच्चों ने न सिर्फ सवाल पूछे बल्कि उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। स्कूल प्रबंधन ने उन्हें एक स्मृति चिन्ह भेंट किया और उनके योगदान को सलाम किया। शुभांशु ने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि वे आज अपने स्कूल के बच्चों के लिए प्रेरणा बन पा रहे हैं। उन्होंने अपने भाषण के अंत में कहा, “मैं एक साधारण छात्र था, पर मेरे सपने असाधारण थे – और यहीं से उनकी उड़ान शुरू हुई।”
Read more-निक्की भाटी केस में नया खुलासा! हादसा या साजिश, गैस सिलेंडर फटने की गुत्थी में उलझी जांच