उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के वृंदावन में बंदरों की शरारतें किसी से छिपी नहीं हैं। यहां आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक अक्सर बंदरों की हरकतों से परेशान रहते हैं। खासकर चश्मा, मोबाइल और खाने-पीने की चीजें छीन लेना यहां आम बात बन चुकी है। ऐसे में जब देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के वृंदावन दौरे की खबर सामने आई, तो प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के सामने एक नई चुनौती खड़ी हो गई। बंदरों की इन आदतों को देखते हुए यह जरूरी हो गया कि किसी भी तरह की असुविधा या घटना से पहले ही बचाव के उपाय किए जाएं।
‘नकली लंगूर’ से बंदरों को भगाने की योजना
राष्ट्रपति के दौरे को लेकर प्रशासन ने एक अनोखा और दिलचस्प उपाय अपनाया है। जानकारी के मुताबिक, वृंदावन के प्रमुख स्थानों पर लंगूरों के कटआउट लगाए जाएंगे। ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि बंदर स्वभाव से लंगूरों से डरते हैं और उनके आसपास नहीं आते। इस तकनीक का इस्तेमाल पहले भी कई जगहों पर सफल रहा है। प्रशासन को उम्मीद है कि इस उपाय से बंदरों की गतिविधियां कम होंगी और राष्ट्रपति का दौरा बिना किसी बाधा के संपन्न हो सकेगा।
हर पहलू पर रखी जा रही नजर
राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। न केवल बंदरों से निपटने के लिए विशेष योजना बनाई गई है, बल्कि पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके अलावा, स्थानीय लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है कि वे बंदरों को खाने-पीने की चीजें न दें, ताकि उनकी संख्या और आक्रामकता पर नियंत्रण रखा जा सके।
लंबे समय से समस्या का समाधान तलाश रहे लोग
वृंदावन के स्थानीय निवासी लंबे समय से बंदरों के आतंक से परेशान हैं। उनका कहना है कि रोजमर्रा की जिंदगी में भी इनकी वजह से कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। हालांकि, राष्ट्रपति के दौरे के बहाने प्रशासन द्वारा उठाए गए इस कदम से लोगों में उम्मीद जगी है कि शायद इस समस्या का स्थायी समाधान भी निकलेगा। कई लोगों का मानना है कि अगर यह योजना सफल रहती है, तो इसे स्थायी रूप से लागू किया जा सकता है, जिससे आम लोगों को भी राहत मिल सकेगी।
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