500 मीटर की दौड़ बनी यमराज! उत्तर प्रदेश होमगार्ड भर्ती परीक्षा में 4 दिनों में 4 मौतें, फिटनेस पर उठे बड़े सवाल

उत्तर प्रदेश में इन दिनों होमगार्ड पदों के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) चल रही है, लेकिन यह प्रक्रिया युवाओं के लिए जी का जंजाल साबित हो रही है। राज्य के अलग-अलग जिलों में चल रही इस भर्ती प्रक्रिया के दौरान महज चार दिनों के भीतर चार अभ्यर्थियों की मौत हो चुकी है। इस दर्दनाक हादसे के बाद प्रशासनिक व्यवस्था और युवाओं की फिटनेस दोनों पर ही गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। आइए जानते हैं कि आखिर इस दौड़ के दौरान ऐसा क्या हुआ जो युवाओं की सांसे थम गईं।

मेरठ से लेकर लखनऊ तक पसरा मातम

होमगार्ड भर्ती के तहत लखनऊ समेत कई प्रमुख जिलों में फिजिकल टेस्ट आयोजित किए जा रहे हैं। इन चार दिनों के भीतर हुई इन मौतों ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। अकेले मेरठ जिले में दो युवाओं ने अपनी जान गंवाई है, जबकि लखनऊ और मुरादाबाद में एक-एक अभ्यर्थी की दौड़ के दौरान मौत हुई है। मंगलवार के दिन मेरठ के कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम में अंकुश मलिक और लखनऊ की रिजर्व पुलिस लाइन में योगेंद्र कुमार की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई थी। इसके अगले दिन यानी बुधवार को मेरठ में ही तरुण कुमार और मुरादाबाद में शिवम यादव भी दौड़ पूरी करने के दौरान बेहोश होकर गिर पड़े, जिन्हें अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

क्या है होमगार्ड भर्ती का कठिन शारीरिक पैमाना?

इस पूरी भर्ती प्रक्रिया के नियमों पर अगर नजर डालें तो अभ्यर्थियों को 4.8 किलोमीटर की दूरी तय करनी होती है। इसके लिए उन्हें 28 मिनट का समय दिया जाता है, यानी स्टेडियम या मैदान के कुल 12 चक्कर लगाने होते हैं। पिछले कुछ दिनों में सामने आए मामलों से पता चलता है कि बिना पर्याप्त तैयारी के अचानक इतना भारी शारीरिक श्रम करना युवाओं के दिल और शरीर पर भारी पड़ रहा है। मेरठ में ही पहले दिन दौड़ के दौरान 11 अन्य अभ्यर्थियों की भी तबीयत बिगड़ गई थी, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।

डॉक्टरों की सलाह: बिना तैयारी के बिल्कुल न उतरें मैदान में

इस गंभीर स्थिति पर विशेषज्ञों और डॉक्टरों ने चिंता जताते हुए कुछ जरूरी बातें साझा की हैं। लखनऊ के प्रसिद्ध बलरामपुर अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. प्रवीण श्रीवास्तव का कहना है कि किसी भी कठिन शारीरिक परीक्षा में हिस्सा लेने से कम से कम एक महीना पहले से अभ्यास शुरू कर देना चाहिए। बिना अभ्यास के अचानक लंबी दौड़ लगाने से शरीर की क्षमता जवाब दे जाती है। उन्होंने यह भी सलाह दी है कि अभ्यर्थी कभी भी खाली पेट दौड़ में शामिल न हों और दौड़ से पहले शरीर में पानी तथा इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी न होने दें ताकि ऐसी अनहोनी से बचा जा सके।

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