Saturday, January 17, 2026

डिजिटल जुए पर सरकार का वार! एक झटके में 242 लिंक ब्लॉक, ऑनलाइन सट्टेबाजी पर क्यों कसा शिकंजा?

केंद्र सरकार ने ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुआ प्लेटफॉर्मों के खिलाफ अब तक की सबसे सख्त कार्रवाइयों में से एक करते हुए 242 लिंक को एक साथ ब्लॉक कर दिया है। यह कार्रवाई शुक्रवार को की गई, जिसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को ऑनलाइन जुए की लत से बचाना और इससे होने वाले आर्थिक व सामाजिक नुकसान पर रोक लगाना है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह कदम ऑनलाइन गेमिंग एक्ट के लागू होने के बाद तेजी से बढ़ती अवैध गतिविधियों को नियंत्रित करने की दिशा में उठाया गया है। पिछले कुछ वर्षों में ऑनलाइन सट्टेबाजी वेबसाइटों और ऐप्स की संख्या तेजी से बढ़ी है, जो आसान कमाई का लालच देकर युवाओं को अपने जाल में फंसा रही थीं। सरकार का मानना है कि इस तरह के प्लेटफॉर्म न सिर्फ आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि मानसिक तनाव, पारिवारिक कलह और अपराध जैसी समस्याओं को भी बढ़ावा देते हैं। इसी को देखते हुए डिजिटल स्पेस में निगरानी और कार्रवाई को और तेज किया गया है।

7,800 से ज्यादा वेबसाइट्स पर पहले ही लग चुकी है रोक

सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार अब तक 7,800 से अधिक अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुआ वेबसाइट्स को बंद करवा चुकी है। यह आंकड़ा बताता है कि समस्या कितनी व्यापक हो चुकी थी और सरकार इसे लेकर कितनी गंभीर है। ऑनलाइन गेमिंग एक्ट के पारित होने के बाद से ही संबंधित मंत्रालयों और एजेंसियों ने मिलकर ऐसे प्लेटफॉर्म्स की पहचान और कार्रवाई की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। इनमें कई वेबसाइट्स विदेशी सर्वरों से संचालित हो रही थीं, जबकि कई ऐप्स भारतीय यूजर्स को सीधे टारगेट कर रही थीं। सरकार ने इंटरनेट सेवा प्रदाताओं और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के साथ समन्वय बनाकर इन लिंक्स को ब्लॉक किया, ताकि आम लोग इन तक पहुंच न बना सकें। अधिकारियों का कहना है कि यह केवल शुरुआत है और आने वाले समय में और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे, ताकि ऑनलाइन सट्टेबाजी की जड़ पर ही वार किया जा सके।

ईडी की कार्रवाई से खुली ऑनलाइन बेटिंग की काली कमाई

पिछले एक साल में देश की जांच एजेंसियों, खासकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), ने ऑनलाइन बेटिंग और डब्बा ट्रेडिंग से जुड़े मामलों में कड़ी कार्रवाई की है। इंदौर के चर्चित डब्बा ट्रेडिंग केस में ईडी ने करीब 34 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया था। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत की गई थी। जिन लोगों की संपत्तियां जब्त की गईं, उनमें विशाल अग्निहोत्री, तरुण श्रीवास्तव, हितेश अग्रवाल, धर्मेश त्रिवेदी, श्रीनिवासन रामासामी, करण सोलंकी, धवल जैन और उनके परिवार के सदस्य शामिल थे। जांच में सामने आया था कि डब्बा ट्रेडिंग और ऑनलाइन सट्टेबाजी के जरिए भारी मात्रा में अवैध पैसा कमाया जा रहा था, जिसे अलग-अलग तरीकों से घुमाया जा रहा था। इन मामलों ने सरकार को यह साफ संकेत दिया कि ऑनलाइन जुए का नेटवर्क सिर्फ खेल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बड़े पैमाने पर मनी लॉन्ड्रिंग से भी जुड़ा हुआ है।

Parimatch केस और म्यूल अकाउंट्स पर बड़ा खुलासा

ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ कार्रवाई का एक बड़ा उदाहरण Parimatch केस भी रहा है। पिछले साल ईडी की मुंबई टीम ने इस गैरकानूनी ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म के खिलाफ देश के कई शहरों में एक साथ छापेमारी की थी। मुंबई, दिल्ली, नोएडा, जयपुर, सूरत, मदुरै, कानपुर और हैदराबाद में कुल 17 ठिकानों पर कार्रवाई हुई। इस दौरान करीब 110 करोड़ रुपये की रकम फ्रीज की गई, जो अलग-अलग लोगों और कंपनियों के बैंक खातों में रखी गई थी। जांच में पता चला कि इन खातों का इस्तेमाल ‘म्यूल अकाउंट’ के तौर पर किया जा रहा था, यानी अवैध पैसे को छिपाने और इधर-उधर घुमाने के लिए। इसके अलावा कई अहम दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस भी जब्त किए गए। सरकार का मानना है कि इस तरह की सख्त कार्रवाइयों से ऑनलाइन सट्टेबाजी के पूरे इकोसिस्टम पर असर पड़ेगा और अवैध नेटवर्क को तोड़ने में मदद मिलेगी। केंद्र का साफ संदेश है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

 

Read More-दिल्ली में हर दिन भारी पड़ रही हवा? सांस की बीमारियों से हजारों मौतों का खुलासा

Hot this week

spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img