समस्तीपुर में विदेशी शराब की बरामदगी के बाद 25 वर्षीय नेहा झा पुलिस जांच के केंद्र में है। 4 सितंबर को स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी कोच से सफर कर रही नेहा को समस्तीपुर रेलवे स्टेशन पर करीब 75 लीटर शराब के साथ पकड़ा गया। पुलिस को पहले से ट्रेन में शराब की खेप आने की सूचना मिली थी, जिसके बाद निगरानी बढ़ाई गई। कार्रवाई के दौरान नेहा और उसके साथ सफर कर रहे ईशान का नाम सामने आया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह शराब सिर्फ एक खेप थी या इसके पीछे लंबे समय से चल रहा कोई नेटवर्क था।
दरभंगा से पहले क्यों उतरती थी ट्रेन से?
जांच में नेहा की पुरानी यात्राओं को भी खंगाला जा रहा है। पुलिस को आशंका है कि वह इससे पहले भी शराब लेकर बिहार की यात्रा कर चुकी हो सकती है। इसी बीच दरभंगा से जुड़ी एक अहम कड़ी सामने आई है। बताया जा रहा है कि दरभंगा स्टेशन पर जांच और स्कैनिंग की व्यवस्था होने के कारण वह शराब लेकर सीधे वहां उतरने के बजाय लहेरियासराय स्टेशन पर उतरती थी। इसके बाद वह कथित तौर पर अपने किराये के ठिकाने तक पहुंचती थी। अब जांच एजेंसियां यह पता कर रही हैं कि यह तरीका संयोग था या इसके पीछे कोई सोची-समझी रणनीति थी।
मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव की पहचान पर भी जांच
पुलिस जांच में नेहा के मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के तौर पर काम करने की बात भी सामने आई है। आरोप है कि डॉक्टरों से संपर्क के लिए बनी पहचान का इस्तेमाल कथित तौर पर शराब पहुंचाने में किया जाता था। हालांकि, किन लोगों को शराब दी गई और इस मामले में किसी डॉक्टर की भूमिका थी या नहीं, इसकी अभी जांच चल रही है। पुलिस ने नेहा और ईशान के मोबाइल फोन जब्त किए हैं। कॉल डिटेल और WhatsApp चैट की जांच के जरिए पुलिस उनके संपर्कों और संभावित लेन-देन की जानकारी जुटा रही है। मोबाइल में दरभंगा के कुछ डॉक्टरों और कारोबारियों के नंबर मिलने की बात भी सामने आई है।
परिवार के पुराने मामलों से जुड़ रही जांच की कड़ी
नेहा के परिवार से जुड़े पुराने शराब मामलों ने भी जांच को नया मोड़ दिया है। बताया गया है कि उसकी बहन निशु झा को पहले शराब तस्करी के मामलों में गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि उसके पिता का नाम भी शराब से जुड़े एक मामले में सामने आया था। अब पुलिस यह पता कर रही है कि नेहा कथित रूप से उसी नेटवर्क का हिस्सा थी या उसने अलग संपर्क तैयार किए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुजफ्फरपुर रेल SP ने SIT बनाई है। टीम नेहा की पुरानी ट्रेन यात्राओं, मोबाइल रिकॉर्ड और शराब की सप्लाई से जुड़े संभावित संपर्कों की पड़ताल कर रही है। फिलहाल जांच का सबसे बड़ा सवाल यही है कि 75 लीटर शराब के पीछे सिर्फ कुछ लोगों की भूमिका थी या बिहार तक फैला कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय था।
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