ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने भारत पहुंचे रूस के विदेश मंत्री Sergey Lavrov का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में लावरोव मीडिया ब्रीफिंग के दौरान एक पत्रकार पर नाराज होते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक पत्रकार लगातार फोन पर बात कर रहा था, जिससे बातचीत में बार-बार व्यवधान पैदा हो रहा था। शुरुआत में रूसी विदेश मंत्री ने शांत तरीके से पत्रकार को फोन बंद करने और चुप रहने के लिए कहा, लेकिन जब व्यवधान नहीं रुका तो उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया दे दी। वीडियो में लावरोव कहते सुनाई दिए कि अगर फोन बंद नहीं किया गया तो सुरक्षाकर्मी “गन निकाल सकते हैं।” हालांकि इसे कई लोग व्यंग्यात्मक टिप्पणी मान रहे हैं, लेकिन इस बयान ने तुरंत माहौल को तनावपूर्ण बना दिया। सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल होने के बाद लोग अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग इसे अनुशासन बनाए रखने की सख्त चेतावनी बता रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि एक वरिष्ठ राजनयिक को इस तरह की भाषा से बचना चाहिए था।
क्या था पूरा मामला, क्यों रोकनी पड़ी प्रेस वार्ता?
जानकारी के मुताबिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान जब रूसी विदेश मंत्री अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बोल रहे थे, तभी एक पत्रकार का मोबाइल फोन लगातार बजता रहा और वह कथित तौर पर फोन पर बातचीत भी कर रहा था। इससे मीडिया हॉल में शोर की स्थिति बन गई और लावरोव को कई बार अपनी बात रोकनी पड़ी। शुरुआत में उन्होंने कहा, “क्या आप हमें अकेला छोड़ सकते हैं? या तो चुप रहें या फोन बंद करें।” लेकिन जब कुछ देर बाद फिर से व्यवधान हुआ तो उन्होंने अधिक सख्त लहजे में कहा कि अगर फोन बंद नहीं किया गया तो सुरक्षाकर्मी कार्रवाई कर सकते हैं। इस बयान के बाद कुछ पल के लिए प्रेस हॉल में सन्नाटा छा गया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस तरह की घटनाएं कम ही देखने को मिलती हैं, इसलिए वीडियो ने लोगों का ध्यान तेजी से खींचा। हालांकि रूसी प्रतिनिधिमंडल की ओर से इस घटना पर कोई आधिकारिक विवाद खड़ा नहीं किया गया और ब्रीफिंग बाद में सामान्य रूप से जारी रही। फिर भी यह घटना ब्रिक्स सम्मेलन से जुड़ी चर्चाओं के बीच सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा वायरल होने वाले वीडियो में शामिल हो गई है।
भारत दौरे में कई अहम बैठकों में शामिल हुए लावरोव
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत आए थे। इस दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण कूटनीतिक बैठकों में भाग लिया। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi से मुलाकात कर भारत-रूस संबंधों, वैश्विक सुरक्षा और मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात पर चर्चा की। दोनों नेताओं के बीच यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया की स्थिति और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों को लेकर बातचीत हुई। प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक लावरोव ने दिसंबर 2025 में हुए भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के बाद दोनों देशों के बीच सहयोग में हुई प्रगति की जानकारी साझा की। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और रूस के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी को मजबूत बताते हुए आपसी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। इसके अलावा लावरोव ने विदेश मंत्री S. Jaishankar के साथ भी विस्तृत वार्ता की। इस बैठक में ऊर्जा, रक्षा, व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने यह भी दोहराया कि भारत और रूस के संबंध लंबे समय से भरोसे और रणनीतिक साझेदारी पर आधारित रहे हैं।
भारत ने दोहराया शांतिपूर्ण समाधान का रुख
भारत दौरे के दौरान रूस और भारत के बीच वैश्विक संघर्षों को लेकर भी गहन चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने यूक्रेन और पश्चिम एशिया में जारी तनाव पर भारत का पुराना रुख दोहराते हुए कहा कि सभी विवादों का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए होना चाहिए। भारत लगातार यह कहता रहा है कि युद्ध किसी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकता और शांति बनाए रखने के लिए संवाद जरूरी है। विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान भारत और रूस की बातचीत वैश्विक राजनीति के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण रही। हालांकि इन गंभीर कूटनीतिक चर्चाओं के बीच लावरोव की प्रेस ब्रीफिंग वाला वीडियो अचानक चर्चा का केंद्र बन गया। सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने इसे अनुशासन बनाए रखने की कोशिश बताया, जबकि कई यूजर्स ने इसे अत्यधिक आक्रामक प्रतिक्रिया कहा। फिलहाल यह घटना कूटनीतिक हलकों और मीडिया जगत दोनों में चर्चा का विषय बनी हुई है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस वायरल वीडियो पर रूस या भारतीय पक्ष की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया आती है या नहीं।
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