लाल किला धमाके के पीछे कौन था? चार्जशीट में सामने आई ऐसी कड़ियां, चौंक जाएंगे आप

Red Fort Blast News: लाल किला ब्लास्ट मामले में NIA की चार्जशीट में जांच से जुड़े कई अहम दावे सामने आए हैं। एजेंसी ने चार्जशीट में 13 आरोपियों का जिक्र किया है और कथित आतंकी मॉड्यूल के काम करने के तरीके की जानकारी दी है। NIA के मुताबिक, धमाके में इस्तेमाल Hyundai i20 कार को विस्फोटक से लदे वाहन के रूप में इस्तेमाल किया गया था। जांच एजेंसी का दावा है कि फॉरेंसिक जांच में कार के मलबे और घटनास्थल से मिले नमूनों में TATP, अमोनियम नाइट्रेट और पोटैशियम नाइट्रेट के अंश मिले। जैविक नमूनों की जांच के आधार पर NIA ने कार में मौजूद व्यक्ति की पहचान उमर नबी के तौर पर किए जाने का दावा किया है। एजेंसी के मुताबिक, धमाके में 11 लोगों की मौत और 29 लोग घायल हुए थे।

CCTV और कमांड सिस्टम ने जोड़ी अहम कड़ी

चार्जशीट में एक कमांड मैकेनिज्म का भी उल्लेख है, जिसे लाल रंग के टेप के साथ बरामद किए जाने की बात कही गई है। NIA के मुताबिक, इस उपकरण पर विस्फोटक पदार्थों के निशान मिले थे। जांच एजेंसी ने इसे धमाके में इस्तेमाल किए गए IED से जोड़ते हुए दावा किया है कि कार में विस्फोटक लगाया गया था और उसे कमांड सिस्टम के जरिए सक्रिय किया गया। इसके अलावा पेन ड्राइव से मिली तस्वीरों और आरोपियों के ठिकानों से बरामद सामग्री का भी चार्जशीट में जिक्र है। जांच एजेंसी का कहना है कि इन सबूतों के जरिए कथित मॉड्यूल के सदस्यों के बीच संबंध और उनकी गतिविधियों की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की गई।

TATP की मौजूदगी ने बढ़ाई जांच की गंभीरता

चार्जशीट में TATP का जिक्र खास तौर पर किया गया है। NIA के मुताबिक, मामले में जब्त किए गए 73 नमूनों में से 64 की जांच CFSL चंडीगढ़ और बाकी नमूनों की जांच NFSU गांधीनगर में हुई। एजेंसी के अनुसार, जांच में TATP के साथ अमोनियम नाइट्रेट और पोटैशियम नाइट्रेट की मौजूदगी सामने आई। चार्जशीट में आरोपियों के पास से रासायनिक पदार्थ और विस्फोटक तैयार करने से जुड़े उपकरण मिलने का भी दावा किया गया है। NIA ने इन बरामदगियों को अपनी जांच की महत्वपूर्ण कड़ी बताया है। हालांकि चार्जशीट में लगाए गए आरोप अभी न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं और अदालत में इनका परीक्षण होना बाकी है।

मैनुअल, Signal चैट और हथियारों की तस्वीरों का भी जिक्र

NIA की चार्जशीट में कथित चरमपंथी साहित्य और ‘Lone Mujahid Pocket Book’ नाम की सामग्री का भी उल्लेख है। एजेंसी का दावा है कि कुछ आरोपी इस तरह की सामग्री के संपर्क में थे और Signal ऐप के जरिए आपस में बातचीत करते थे। चार्जशीट में जसीर बिलाल वानी द्वारा रॉकेट से जुड़ी जानकारी खोजने और ड्रोन दिए जाने का भी जिक्र किया गया है। वहीं, शाहीन सईद के पास मिली पेन ड्राइव में हथियारों के साथ तस्वीरें मिलने की बात कही गई है। उमर नबी की मौत धमाके में होने के कारण उसके खिलाफ दर्ज आरोपों की कानूनी स्थिति अलग हो गई है। अब NIA की पूरी जांच का फोकस कथित मॉड्यूल, विस्फोटक की व्यवस्था और घटना से जुड़े अन्य आरोपियों के खिलाफ सबूतों को अदालत के सामने रखने पर है।

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