उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां सीमावर्ती थाना क्षेत्र रुपैडिहा के अंतर्गत ग्राम पंचायत मकनपुर के मजरा नारायनजोत में स्थित सिरकुंडा तालाब में नहाने गए दो बच्चे अचानक गहरे पानी में चले गए और डूब गए। बताया जा रहा है कि इनमें से एक बच्चा संदीप वर्मा सलारपुर थाना मल्हीपुर का रहने वाला था जो अपने ननिहाल शिव बढ़ैया गांव आया हुआ था। वह गांव के ही एक अन्य बच्चे दीपेंद्र सोनकर के साथ दोपहर के समय तालाब पर नहाने के लिए गया था। जैसे ही दोनों बच्चे गहरे पानी की चपेट में आए, वे देखते ही देखते पानी में समा गए, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
प्रशासनिक अमला और गोताखोरों की मशक्कत
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन और गोताखोरों की टीमें तुरंत हरकत में आ गई और मौके पर पहुंचकर राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया। घंटों बीत जाने के बावजूद अभी तक दोनों बच्चों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है, जिससे प्रशासन और बचाव दल की सांसे अटकी हुई हैं। तालाब के आसपास भारी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों की भीड़ जमा है और सभी लोग बच्चों के सकुशल बाहर निकाले जाने की ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं। हालांकि, अभी तक जिले के किसी भी वरिष्ठ अधिकारी का आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन सर्च ऑपरेशन पूरी मुस्तैदी के साथ युद्धस्तर पर जारी है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
इस दर्दनाक हादसे के बाद से दोनों बच्चों के घरों में कोहराम मचा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। खास तौर पर संदीप के माता-पिता का रो-रोकर कलेजा फट रहा है जो अपने कलेजे के टुकड़े को ननिहाल भेजने के बाद इस अनहोनी की खबर से पूरी तरह टूट चुके हैं। गांव के हर एक शख्स की आंखें नम हैं और लोग इस बात पर पछतावा कर रहे हैं कि यदि समय रहते बच्चों को तालाब की तरफ जाने से रोक लिया जाता, तो शायद यह अनहोनी टल सकती थी। पूरा गांव इस समय गहरे सदमे में डूबा हुआ है और हर कोई सिर्फ एक ही दुआ मांग रहा है कि किसी तरह दोनों मासूम सुरक्षित मिल जाएं।
सावधानी और सुरक्षा की बड़ी सीख
यह दुखद हादसा माता-पिता और अभिभावकों के लिए एक बड़ी चेतावनी और सीख छोड़ जाता है कि गर्मियों या सामान्य दिनों में भी बच्चों को तालाब, पोखर या गहरे जल स्रोतों के पास अकेले बिल्कुल न जाने दें। ग्रामीण इलाकों में अक्सर बच्चे खेलते-कूदते तालाबों में नहाने चले जाते हैं, जो कई बार इस तरह के जानलेवा हादसों का कारण बन जाता है। प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी ऐसे खुले और खतरनाक तालाबों के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने चाहिए ताकि भविष्य में किसी अन्य मासूम की जान इस तरह से दांव पर न लगे।
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