400 रुपये किलो गैस! सिलिंडर के लिए पैनिक, फर्जी बुकिंग और ब्लैक मार्केट में हाहाकार – आम आदमी की रसोई पर संकट का साया

देश में एलपीजी गैस संकट ने अब आम आदमी की रसोई से लेकर रोजगार तक सभी को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न इलाकों में सिलिंडर की लंबी कतारें लग गई हैं, जबकि ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम ठप पड़ा है। लोगों को पता नहीं चल रहा कि सिलिंडर मिलेगा या नहीं, और कई जगह फर्जी बुकिंग के मामलों ने स्थिति और भी गंभीर बना दी है।

छात्र, मजदूर और छोटे व्यवसायिक लोग गैस संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। ग्रामीण इलाकों में महिलाएं मजबूरी में लकड़ी और उपलों पर खाना बनाने को मजबूर हैं, जबकि शहरों में रहने वाले छात्र और छोटे कारोबारियों के लिए दो वक्त का खाना बनाना भी मुश्किल हो गया है। कुछ कैफे और छोटे होटल पूरी तरह ठप हो गए हैं। इसके चलते लोग चूल्हे ठंडे होने के डर से घरों से बाहर खाना मंगाने या महंगा विकल्प अपनाने को मजबूर हैं।

फर्जी बुकिंग और ब्लैक मार्केट में बढ़ा हाहाकार

नोएडा सेक्टर-11 की निवासी नूतन गुप्ता ने बताया कि उनके कनेक्शन पर फर्जी बुकिंग हो गई थी। जब उन्होंने कस्टमर केयर नंबर पर कॉल किया तो लाइन लगातार बंद आ रही थी। सिलिंडर मिलने में 25 दिन का समय बताकर उन्हें हतोत्साहित कर दिया गया। वहीं सेक्टर-10 की सुनीता ने कहा कि उन्हें घर पर खाना बनाने के लिए मजबूरी में 2000 रुपये देकर सिलिंडर लेना पड़ा, जबकि पहले यही सिलिंडर 1000 रुपये में उपलब्ध था।

इस संकट की वजह से गैस की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गई हैं। कुछ उपभोक्ताओं का कहना है कि 400 रुपये प्रति किलो तक गैस बिक रही है। ऐसे में छोटे उपभोक्ता और स्टूडेंट्स अपनी रोजमर्रा की जिंदगी चलाने के लिए जुगाड़ करने को मजबूर हैं। लोग पैनिक बुकिंग और ब्लैक मार्केट में अधिक कीमत चुकाकर गैस खरीदने को मजबूर हैं।

होटल, कैफे और कॉलेजों में आपूर्ति ठप, मेन्यू बदले

कमर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति रुक जाने से छोटे कैफे, होटलों और संस्थानों की रसोई बंद होने लगी है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा के 100 से अधिक कॉलेजों में ढाई लाख से अधिक छात्र प्रभावित हो रहे हैं। इनमें से अधिकांश छात्र हॉस्टल और पीजी में रहते हैं और अपने खाने के लिए कैफे या छोटे होटल पर निर्भर हैं।

कुछ दुकानदारों ने अपने मेन्यू बदलने का रास्ता अपनाया है। राजनगर के छोले-भटूरे ठेले पर अब तंदूरी रोटियां, दाल-चावल और सब्जी बनाई जा रही हैं। दिल्ली हाई कोर्ट की कैंटीन में भी मेन कोर्स पर अस्थायी रोक लग गई है। फाइव स्टार होटलों से लेकर अटल कैंटीन तक, गैस संकट ने पूरे इलाके में अनिश्चितता और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।

गैस एजेंसियों की व्यथा और सरकारी प्रतिक्रिया

दिल्ली के मंडावली में इंडेन गैस एजेंसी के प्रमोद मिश्रा ने बताया कि पिछले तीन दिन से अचानक भीड़ बढ़ गई है। लोग लाइन में बिना बुकिंग के खड़े हैं और चीख-चिल्लाकर परेशान कर रहे हैं। केवाईसी ना करवा पाने वाले उपभोक्ताओं की संख्या ज्यादा होने के कारण सिलिंडर की सप्लाई कठिन हो गई है।

सरकार की ओर से कहा गया है कि देश में पेट्रोल-डीजल और गैस पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं, लेकिन अफवाहें और वैश्विक तनाव लोगों में डर पैदा कर रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, एलपीजी संकट का मुख्य कारण बढ़ती मांग, पैनिक बुकिंग और ब्लैक मार्केट है। वहीं छोटे उपभोक्ताओं और छात्र समूहों को सलाह दी गई है कि वे फर्जी बुकिंग और ऑनलाइन अफवाहों से दूर रहें।

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