Tuesday, January 13, 2026

Btech पानीपुरी वाली तापसी ने थाईलैंड में बढ़ाया भारत का मान, जानें उनकी संघर्ष और सफलता की कहानी

मेरठ की 24 वर्षीय तापसी उपाध्याय ने थाईलैंड में आयोजित यूनाइटेड वर्ल्ड स्पोर्ट्स एंड फिटनेस फेडरेशन (यूडब्ल्यूएसएफएफ) वर्ल्ड चैंपियनशिप में मिस फिटनेस मॉडल इंटरनेशनल का खिताब जीतकर इतिहास रचा। इसके साथ ही उन्होंने वर्ल्ड योगा चैंपियनशिप में तीसरा स्थान हासिल किया। तापसी का यह प्रदर्शन न केवल मेरठ बल्कि पूरे भारत के लिए गर्व का विषय बना। लगभग 40 देशों की प्रतिस्पर्धा में अपनी मेहनत और लगन से उन्होंने भारतीय ध्वज को ऊँचा किया।

तापसी उपाध्याय की सफलता ने यह साबित कर दिया कि किसी भी छोटे शहर या सीमित संसाधनों से आने वाला युवा सही मेहनत, समर्पण और आत्मविश्वास के साथ वैश्विक मंच पर चमक सकता है। उन्हें ‘बीटेक पानीपुरी वाली’ के नाम से जाना जाता है, क्योंकि उन्होंने अपनी पढ़ाई के दौरान मेरठ में एक छोटे से पानीपुरी ठेले से व्यवसाय की शुरुआत की और अब वैश्विक स्तर पर पहचान बना चुकी हैं।

बीटेक, उद्यमिता और पानीपुरी का अनोखा संगम

तापसी की कहानी उनके व्यवसायिक दृष्टिकोण और आत्मनिर्भरता का जीवंत उदाहरण है। मेरठ से दिल्ली जाकर बीटेक की पढ़ाई के दौरान उन्होंने पानीपुरी का ठेला शुरू किया और धीरे-धीरे इसे एक सफल ब्रांड में बदला। उनका यह स्टार्टअप आज सैकड़ों युवाओं को रोजगार दे रहा है।

उनका ठेला भी खास है – बुलेट पर चलने वाला और इसमें गोलगप्पों के लिए अलग कंटेनर बना हुआ। ग्राहकों को आसानी से पानीपुरी सर्व करने के लिए उन्होंने इसे डिजाइन किया। यह न केवल उनके नवाचार को दर्शाता है, बल्कि यह उनकी मेहनत और छोटे व्यवसाय को बड़े स्तर तक पहुंचाने की क्षमता का भी उदाहरण है।

फिटनेस, योग और ‘मिशन हेल्दी इंडिया’

विश्व स्तर पर खिताब जीतने के बाद तापसी का फोकस अब समाज पर है। उन्होंने ‘मिशन हेल्दी इंडिया’ के तहत देशभर में युवाओं को योग, फिटनेस और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने के लिए प्रेरित करना शुरू किया है। उत्तर प्रदेश, बंगाल और पूर्वोत्तर के 12 राज्यों में उन्होंने छात्रों और युवाओं को प्रशिक्षित किया और दूसरे चरण का राष्ट्रव्यापी दौरा जल्द शुरू करने जा रही हैं।

तापसी युवाओं को योग और ध्यान के माध्यम से मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक कर रही हैं। उनका कहना है कि देश भ्रमण से उन्हें नई चीजें सीखने और अपने व्यक्तित्व को निखारने का मौका मिल रहा है। उनके कार्य न केवल स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ा रहे हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति और योग के वैश्विक प्रचार में भी मदद कर रहे हैं।

वीगन फूड और महिला सशक्तिकरण की मिसाल

फिटनेस और योग के अलावा तापसी उपाध्याय वीगन फूड को भी बढ़ावा दे रही हैं। उनके गोलगप्पे और अन्य वीगन उत्पाद देश के कई शहरों में लोकप्रिय हो चुके हैं। थाईलैंड की प्रतियोगिता में पूरी तरह शाकाहारी प्रतिभागियों में भारत की ओर से केवल उनका प्रतिनिधित्व था।

परिवार का सहयोग भी उनकी सफलता की कहानी का अहम हिस्सा रहा है। पिता बलवीर उपाध्याय, मां अनीता, दादी शीला देवी, बहन एलिश और भाई तुषार हमेशा उनके साथ खड़े रहे। उनका संघर्ष, मेहनत और आत्मनिर्भरता ने साबित कर दिया कि मेरठ की बेटियां अब वैश्विक मंच पर नेतृत्व कर रही हैं। तापसी उपाध्याय न केवल फिटनेस और उद्यमिता में बल्कि महिला सशक्तिकरण में भी प्रेरणा बन चुकी हैं।

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