देश के सबसे बड़े नागरिक सम्मानों में शामिल पद्म पुरस्कारों को लेकर एक बड़ी जानकारी सामने आई है। सूत्रों के अनुसार पद्म पुरस्कार 2026 के लिए चुने जा रहे नामों की एक सूची सामने आई है, जिसने लोगों का ध्यान खींच लिया है। इस सूची में देश के अलग-अलग हिस्सों से जुड़े कई लोगों के नाम शामिल बताए जा रहे हैं।
मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, जम्मू-कश्मीर, ओडिशा, असम, गुजरात, कर्नाटक, राजस्थान और पूर्वोत्तर राज्यों तक के नाम इस लिस्ट में नजर आ रहे हैं। खास बात यह है कि इनमें से कई लोग ऐसे हैं, जो बड़े मंचों पर कम दिखते हैं, लेकिन अपने क्षेत्र में सालों से लगातार सेवा कर रहे हैं। हर साल की तरह इस बार भी पद्म पुरस्कारों की आधिकारिक घोषणा 26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस के मौके पर होनी है, लेकिन उससे पहले इस तरह की सूची सामने आने से चर्चाएं तेज हो गई हैं।
अलग-अलग राज्यों से जुड़े सेवा भाव वाले लोगों के नाम
सूत्रों के हवाले से सामने आई सूची में कई जाने-अनजाने नाम शामिल हैं। मध्य प्रदेश से भगवंदास रायकर और कैलाश चंद्र पंत, महाराष्ट्र से भिकल्या लडक्या धिंडा, रघुवीर खेडकर और आर्मिदा फर्नांडिस, जम्मू-कश्मीर से ब्रिज लाल भट्ट, डॉ. पद्मा गुरमेट और शफी शौक़ के नाम बताए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश से चिरंजी लाल यादव, रघुपत सिंह और डॉ. श्याम सुंदर, जबकि तमिलनाडु से ओथूवर तिरुथानी, राजस्तापति कालीअप्पा गौंडर, थिरुवरूर बख्तवसलम और डॉ. पुण्णियामूर्ति नटेासन के नाम चर्चा में हैं। इसके अलावा ओडिशा, असम, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, बिहार और चंडीगढ़ जैसे क्षेत्रों से भी कई लोगों को इस सूची में जगह मिलने की बात कही जा रही है। बताया जा रहा है कि इन लोगों ने सामाजिक सेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य, लोक संस्कृति, जनकल्याण और समाज सुधार जैसे क्षेत्रों में अहम योगदान दिया है।
क्या हैं पद्म पुरस्कार और क्यों माने जाते हैं खास
पद्म पुरस्कार भारत के सबसे प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों में गिने जाते हैं। इन्हें तीन श्रेणियों में दिया जाता है—पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री। पद्म विभूषण उन लोगों को दिया जाता है, जिन्होंने किसी क्षेत्र में असाधारण और बहुत बड़ा योगदान दिया हो। पद्म भूषण उच्च स्तर की विशिष्ट सेवा के लिए दिया जाता है, जबकि पद्म श्री किसी भी क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करने वालों को दिया जाता है। ये सम्मान कला, सामाजिक कार्य, जन-प्रशासन, विज्ञान, व्यापार, उद्योग, चिकित्सा, शिक्षा, साहित्य, खेल और सिविल सेवा जैसे कई क्षेत्रों में दिए जाते हैं। इन पुरस्कारों की खास बात यह है कि इनमें सिर्फ बड़े नाम ही नहीं, बल्कि समाज की जड़ों से जुड़े लोगों को भी सम्मानित किया जाता है। चयन प्रक्रिया लंबी होती है और इसमें आम लोग भी नाम सुझा सकते हैं। कई स्तरों पर जांच के बाद अंतिम सूची तैयार होती है।
आधिकारिक घोषणा का इंतज़ार, लेकिन उम्मीदें बढ़ीं
फिलहाल यह सूची पूरी तरह से सूत्रों पर आधारित बताई जा रही है और सरकार की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसके बावजूद जिन राज्यों और क्षेत्रों से नाम सामने आए हैं, वहां खुशी और उम्मीद का माहौल देखा जा रहा है। लोगों का मानना है कि अगर ये नाम अंतिम सूची में शामिल होते हैं, तो यह उन सभी लोगों के लिए सम्मान होगा, जो बिना किसी प्रचार के समाज के लिए काम कर रहे हैं। पद्म पुरस्कार ऐसे ही लोगों को सामने लाने का जरिया बनते हैं। अब सबकी नजर 26 जनवरी पर टिकी है, जब यह साफ होगा कि इस संभावित सूची में शामिल किन नामों पर आधिकारिक मुहर लगती है। अगर ऐसा होता है, तो यह देशभर के सेवा भाव से जुड़े लोगों के लिए एक बड़ा संदेश होगा कि सच्ची मेहनत और ईमानदार काम को देर-सवेर पहचान जरूर मिलती है।








