पेट्रोल पंपों को सख्त निर्देश
सरकार ने सभी पेट्रोल पंप, डीजल पंप और सीएनजी स्टेशनों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बिना वैध PUC सर्टिफिकेट वाले वाहनों को ईंधन न दिया जाए। इसका मतलब यह है कि अब फ्यूल भरवाने से पहले वाहन चालक को अपना PUC सर्टिफिकेट दिखाना होगा। अगर दस्तावेज एक्सपायर है या मौजूद नहीं है, तो पंप कर्मचारी सीधे मना कर सकते हैं। इससे उन लोगों को ज्यादा परेशानी हो सकती है, जो लंबे समय से अपने वाहन का प्रदूषण जांच नहीं करवाते हैं। यह कदम सख्ती से लागू किया जाएगा ताकि नियम का असर जमीन पर दिखाई दे।
दिल्ली में अब…
NO PUC-NO FUELराजधानी में प्रदूषण नियंत्रण के लिए हमारी सरकार ने सख्त निर्णय लेते हुए यह फैसला लिया है कि दिल्ली में अब बिना वैध पीयूसी प्रमाणपत्र वाले वाहनों को ईंधन नहीं मिलेगा।
सभी पेट्रोल पंपों और एजेंसियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि नियमों का सख्ती… pic.twitter.com/Z9WDxNAO4X
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) April 22, 2026
पहले भी लागू हुआ था नियम
दिल्ली में “नो PUC, नो फ्यूल” का नियम पहली बार नहीं आया है। इससे पहले भी इसे लागू किया गया था, लेकिन कुछ समय बाद इसकी सख्ती कम हो गई थी। इस बार सरकार ने इसे दोबारा लागू करते हुए साफ किया है कि नियम का पालन हर हाल में कराया जाएगा। अधिकारियों को भी निगरानी के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कोई भी पेट्रोल पंप नियमों की अनदेखी न कर सके। माना जा रहा है कि इस बार तकनीक और निगरानी के जरिए इस नियम को ज्यादा प्रभावी बनाया जाएगा।
प्रदूषण कम करने की बड़ी चुनौती
आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में करीब 75 लाख वाहन हैं, जिनमें से लगभग 25 लाख वाहनों के पास वैध PUC सर्टिफिकेट नहीं है। यही वाहन शहर में प्रदूषण का बड़ा कारण बनते हैं। बिना जांच के चलने वाले वाहन ज्यादा धुआं छोड़ते हैं, जिससे हवा की गुणवत्ता खराब होती है। सरकार का मानना है कि अगर इन वाहनों को नियंत्रित किया जाए, तो प्रदूषण के स्तर में काफी कमी लाई जा सकती है। इसी सोच के साथ यह सख्त कदम उठाया गया है, ताकि लोग समय पर अपने वाहन का प्रदूषण टेस्ट कराएं और नियमों का पालन करें।








