भारत की अध्यक्षता में महाराष्ट्र के नागपुर में आयोजित तीसरी BRICS ट्रांसपोर्ट मंत्रियों की बैठक में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सदस्य देशों के बीच मजबूत सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज दुनिया तेजी से बदल रही है और परिवहन क्षेत्र भी नई चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे समय में BRICS देशों को मिलकर ऐसे समाधान तलाशने होंगे जो भविष्य की जरूरतों को पूरा कर सकें। गडकरी ने कहा कि भारत की BRICS अध्यक्षता “रिजिलिएंस, इनोवेशन, को-ऑपरेशन और सस्टेनेबिलिटी” के सिद्धांतों पर आधारित है, जो ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की भावना को आगे बढ़ाती है। उन्होंने कहा कि BRICS समूह दुनिया की बड़ी आबादी का प्रतिनिधित्व करता है और वैश्विक परिवहन व्यवस्था को नई दिशा देने की क्षमता रखता है।
दुनिया को दिशा दे सकता है BRICS समूह
अपने संबोधन में गडकरी ने कहा कि सुरक्षित, स्मार्ट और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन प्रणाली विकसित करना समय की सबसे बड़ी जरूरत बन चुका है। उन्होंने कहा कि BRICS देशों के पास संसाधन, तकनीक और मानव क्षमता का बड़ा आधार है, जिसका उपयोग साझा विकास के लिए किया जा सकता है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यदि सदस्य देश एक-दूसरे के अनुभवों और तकनीकी ज्ञान को साझा करें तो परिवहन क्षेत्र में बड़े बदलाव संभव हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केवल आर्थिक विकास ही नहीं, बल्कि क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए भी आधुनिक परिवहन व्यवस्था बेहद जरूरी है। उनके अनुसार, इनोवेशन और साझेदारी के जरिए BRICS देश दुनिया के लिए एक सफल मॉडल प्रस्तुत कर सकते हैं।
भारत की उपलब्धियों का भी किया जिक्र
बैठक के दौरान नितिन गडकरी ने भारत में परिवहन और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में हुए बड़े बदलावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि भारत ने दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सड़क नेटवर्क विकसित किया है और देश में एक्सप्रेसवे, आर्थिक कॉरिडोर तथा मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार हुआ है। उन्होंने दिल्ली-देहरादून आर्थिक कॉरिडोर, सोनमर्ग टनल और हजारों किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाओं को भारत की प्रगति का उदाहरण बताया। गडकरी ने कहा कि इन परियोजनाओं का उद्देश्य केवल बेहतर यातायात सुविधा देना नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक तकनीक को भी बढ़ावा देना है। उन्होंने यह भी कहा कि हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल जैसे वित्तीय मॉडल ने निजी निवेश को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
साझा चुनौतियों का समाधान मिलकर निकालने पर जोर
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि परिवहन क्षेत्र में कई ऐसी चुनौतियां हैं जो लगभग सभी देशों के सामने मौजूद हैं। इनमें बुनियादी ढांचे के लिए वित्त जुटाना, ट्रैफिक जाम, प्रदूषण, सड़क सुरक्षा और अंतिम छोर तक बेहतर कनेक्टिविटी जैसी समस्याएं शामिल हैं। गडकरी ने कहा कि इन चुनौतियों का समाधान किसी एक देश के प्रयासों से नहीं, बल्कि सामूहिक सहयोग से ही संभव है। उन्होंने ग्रीन हाइड्रोजन, इलेक्ट्रिक वाहन, वैकल्पिक ईंधन, डिजिटल ट्रांसपोर्ट सिस्टम और टिकाऊ मल्टीमॉडल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में संयुक्त शोध और तकनीकी सहयोग बढ़ाने की जरूरत बताई। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बैठक में हुई चर्चा से BRICS देशों के बीच परिवहन सहयोग और मजबूत होगा तथा लोगों के लिए बेहतर, सस्ती और आधुनिक परिवहन सुविधाएं विकसित करने का रास्ता खुलेगा।








