ईरान में एक बार फिर तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। देश के कई महत्वपूर्ण शहरों में अचानक हुए धमाकों ने लोगों के बीच चिंता बढ़ा दी है। शुरुआती जानकारी के अनुसार बुशहर, कोनारक, चाबहार और बंदर अब्बास जैसे शहरों से विस्फोटों की खबरें सामने आई हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि कुछ इलाकों में एक के बाद एक धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। हालांकि अभी तक किसी भी सरकारी विभाग ने इन धमाकों के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। यही वजह है कि इन घटनाओं को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। सुरक्षा बलों ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है और घटनास्थलों की जांच शुरू कर दी गई है।
अमेरिका ने नए हमलों से किया इनकार, वजह अब भी रहस्य
धमाकों की खबरों के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि इनके पीछे आखिर कौन है। कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में संभावित सैन्य गतिविधियों की चर्चा हुई, लेकिन अमेरिका ने साफ कहा है कि उसने कोई नया हमला नहीं किया है। अमेरिकी प्रशासन की ओर से यह संकेत दिया गया कि हालिया विस्फोटों से उसका कोई संबंध नहीं है। इसके बाद रहस्य और गहरा गया है, क्योंकि अभी तक किसी संगठन या देश ने इन घटनाओं की जिम्मेदारी नहीं ली है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। दूसरी ओर, क्षेत्र में पहले से मौजूद तनाव को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी हालात पर नजर बनाए हुए है।
ट्रंप और नेतन्याहू की फोन वार्ता ने बढ़ाई चर्चा
इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच हुई फोन बातचीत भी चर्चा का विषय बन गई है। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय सुरक्षा और आपसी समन्वय को लेकर विचार-विमर्श किया। जारी जानकारी के अनुसार दोनों देशों ने मध्य पूर्व की मौजूदा परिस्थितियों पर करीबी सहयोग जारी रखने पर सहमति जताई। बातचीत के दौरान खाड़ी क्षेत्र में हाल के घटनाक्रमों पर भी चर्चा हुई। हालांकि दोनों नेताओं की वार्ता में क्या-क्या मुद्दे शामिल थे, इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। ऐसे समय में जब ईरान में लगातार अस्थिरता की खबरें आ रही हैं, यह बातचीत अंतरराष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
अमेरिकी हमलों में सैनिकों की मौत, बढ़ सकता है तनाव
दूसरी ओर ईरान से यह भी खबर सामने आई है कि हालिया अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में उसके कई सैनिकों की जान गई है। रिपोर्टों के मुताबिक वायु सेना और नौसेना से जुड़े कुल आठ जवानों की मौत हुई है। इस घटना के बाद ईरान के भीतर गुस्से का माहौल देखा जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि हालात इसी तरह तनावपूर्ण बने रहे तो क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़ सकती है। फिलहाल दुनिया की नजर ईरान, अमेरिका और इजरायल की अगली रणनीति पर टिकी हुई है। वहीं ईरानी प्रशासन विस्फोटों की जांच में जुटा है और आने वाले दिनों में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं। जब तक आधिकारिक रिपोर्ट जारी नहीं होती, तब तक इन धमाकों के पीछे की असली वजह रहस्य बनी हुई है।
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