बिहार के किशनगंज जिले में तैनात सदर थाना अध्यक्ष अभिषेक कुमार रंजन के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। मंगलवार सुबह 8:30 बजे से ही EOU की टीमों ने पटना, छपरा, किशनगंज, सिलीगुड़ी और मुजफ्फरपुर में उनके 5 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की। जांच एजेंसी के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि SHO के पास उनकी वैध आय से करीब 118% अधिक संपत्ति पाई गई है, जिससे पूरे पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। यह मामला अब राज्य के सबसे बड़े आय से अधिक संपत्ति मामलों में से एक माना जा रहा है।
2009 से पुलिस सेवा, लेकिन संपत्ति में करोड़ों का उछाल
EOU की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। सारण जिले के रहने वाले अभिषेक कुमार रंजन साल 2009 में बिहार पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के रूप में भर्ती हुए थे और 2023 में उनका प्रमोशन इंस्पेक्टर पद पर हुआ। अलग-अलग जिलों में तैनाती के दौरान उनकी वैध आय करीब 1.47 करोड़ रुपये बताई गई है, लेकिन जांच में सामने आया कि उन्होंने 2.09 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति अर्जित की। सभी खर्चों को जोड़ने के बाद भी करीब 1.70 करोड़ रुपये की संपत्ति का कोई वैध स्रोत नहीं मिल पाया है। यह अंतर अब जांच का मुख्य आधार बन गया है और ईओयू ने इसे गंभीर आर्थिक अनियमितता माना है।
पटना का 4 मंजिला मकान, सिलीगुड़ी में जमीन और लग्जरी लाइफस्टाइल
छापेमारी के दौरान जांच टीम को कई चौंकाने वाली संपत्तियां मिली हैं। पटना के रामकृष्ण नगर में 2200 वर्ग फीट में बना 4 मंजिला आलीशान मकान मिला है, जिसकी कीमत 2 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। वहीं छपरा में 30 लाख का मकान और पैतृक गांव में बन रहा एक और बड़ा घर भी जांच के दायरे में है। सिलीगुड़ी के दार्जिलिंग रोड पर 6 कट्ठा जमीन और उस पर किए गए भारी निवेश की भी पुष्टि हुई है। जांच में यह भी सामने आया कि SHO ने प्रमोटर को 84 लाख रुपये नकद दिए थे। इसके अलावा उनके पास महंगे मोबाइल, लग्जरी सामान और बच्चों की पढ़ाई पर भारी खर्च के दस्तावेज भी मिले हैं।
ताज होटल में छुट्टियां और ट्रक-बिजनेस कनेक्शन से बढ़ा शक
जांच एजेंसियों के अनुसार, अभिषेक रंजन की जीवनशैली किसी बड़े कारोबारी जैसी थी। इसी साल जनवरी में वे परिवार के साथ मुंबई गए थे, जहां उन्होंने 15 दिनों तक देश के सबसे महंगे होटल ‘द ताज’ में ठहराव किया। इसके अलावा सिलीगुड़ी में एक फ्लैट, 6-7 ट्रकों की खरीद और मुजफ्फरपुर में करोड़ों के निवेश के भी संकेत मिले हैं। आरोप है कि किशनगंज में तैनाती के दौरान उन्होंने बालू, शराब और तस्करी नेटवर्क से जुड़े लोगों से अवैध वसूली की। EOU का अनुमान है कि उनकी कुल बेनामी संपत्ति 20 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है। फिलहाल जांच जारी है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।
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