भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र स्थित बिलौटी गांव में मंगलवार को उस समय भावुक माहौल बन गया, जब भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह की पत्नी और सामाजिक कार्यकर्ता ज्योति सिंह भरत तिवारी के परिवार से मिलने पहुंचीं। पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी के परिजनों से मिलकर उन्होंने घटना की जानकारी ली और परिवार को सांत्वना दी। घर पहुंचते ही ज्योति सिंह ने भरत तिवारी की मां आशा देवी और अन्य परिजनों से बातचीत की। इस दौरान परिवार का दर्द देखकर माहौल बेहद भावुक हो गया। गांव के लोगों की भी बड़ी संख्या वहां मौजूद रही और सभी ने न्याय की मांग को लेकर अपनी आवाज बुलंद की।
मां और बहन का दर्द देख भावुक हुईं ज्योति सिंह
मुलाकात के दौरान भरत तिवारी की बहन अपने भाई को याद कर फूट-फूट कर रोने लगी। बहन के आंसू देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। वहीं भरत तिवारी की मां आशा देवी ने बेटे के लिए न्याय की मांग दोहराते हुए अपना दर्द बयां किया। बेटे को खोने का दुख साझा करते हुए वह कई बार भावुक हो गईं। ज्योति सिंह ने उन्हें संभालने की कोशिश की और भरोसा दिलाया कि समाज उनके साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि किसी भी मां के लिए अपने बेटे को खोना सबसे बड़ा दुख होता है और इस पीड़ा को शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। उन्होंने परिवार को हिम्मत रखने और न्याय की लड़ाई जारी रखने की सलाह दी।
निष्पक्ष जांच और न्याय की उठाई मांग
ज्योति सिंह ने कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने राज्य सरकार से मामले में पारदर्शी कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भरत तिवारी के परिवार को हरसंभव नैतिक समर्थन दिया जाएगा। इस बीच परिजनों की शिकायत के आधार पर संबंधित पुलिस अधिकारियों और अन्य कर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जा चुका है। परिवार का आरोप है कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। भरत तिवारी की मां लगातार दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी सजा की मांग कर रही हैं और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखने की बात कह रही हैं।
महापंचायत के जरिए आंदोलन को मिलेगी नई दिशा
भरत तिवारी को न्याय दिलाने की मांग अब गांव और जिले की सीमा से निकलकर बड़े जनआंदोलन का रूप लेती दिखाई दे रही है। इसी कड़ी में बिलौटी गांव स्थित बाबा कुंडेश्वर नाथ महादेव मंदिर परिसर में एक बड़ी महापंचायत आयोजित की जा रही है। आयोजकों के अनुसार बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों से लोग इसमें शामिल होंगे। महापंचायत का उद्देश्य न्याय की मांग को मजबूत करना और आगे की रणनीति तय करना है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस आयोजन से आंदोलन को नई ताकत मिलेगी और मामले को व्यापक स्तर पर उठाने में मदद मिलेगी। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में यह आंदोलन किस दिशा में आगे बढ़ता है और परिवार की न्याय की मांग पर क्या फैसला सामने आता है।
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