सतना जिले के छुलहनी इलाके में शुक्रवार दोपहर एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। बठिया कला ग्राम पंचायत के छुलहनी बस्ती में 45 वर्षीय रेखा बेलदार अपनी 17 वर्षीय बेटी छोटी बेलदार के साथ कपड़े धोने और नहाने खदान के पास गई थीं। अचानक बेटी गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी। इस डरावने पल में रेखा बेलदार ने अपनी साहस और मातृत्व की मिसाल पेश करते हुए बिना देर किए पानी में छलांग लगाई और बेटी को किसी तरह खदान के किनारे तक सुरक्षित पहुंचाया।
बेटी की जान तो बची, खुद गहरे पानी में फंस गई मां
रेखा बेलदार की बहादुरी से बेटी की जान तो बच गई, लेकिन इसी दौरान वह खुद गहरे पानी में फंस गईं। खदान में अत्यधिक पानी भरा होने के कारण वह बाहर नहीं निकल सकीं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। इस घटना ने पूरे छुलहनी बस्ती को स्तब्ध कर दिया। ग्रामीणों ने बताया कि रेखा ने अपने कलेजे के टुकड़े की सुरक्षा के लिए अपनी जान की परवाह किए बिना कार्रवाई की, जिसे स्थानीय लोग हमेशा याद रखेंगे।
प्रशासन ने तुरंत किया मामले की जांच
हादसे की सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार राजेश सिंह और बाबूपुर चौकी प्रभारी शुभम तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई की और रेखा बेलदार के शव को जिला अस्पताल भेजा, जहां उनका पोस्टमार्टम किया गया। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम किया है और पूरी घटना की विवेचना शुरू कर दी है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि हादसे की सभी परिस्थितियों की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
मातृत्व और बलिदान की कहानी बन गई घटना
रेखा बेलदार की इस अद्भुत बहादुरी और त्याग के बाद पूरे छुलहनी बस्ती में शोक का माहौल है। ग्रामीण और आसपास के लोग उनके बलिदान को याद करते हुए इसे मातृत्व की मिसाल बता रहे हैं। हर कोई इस घटना को देख भावुक है और मान रहा है कि रेखा ने अपनी बेटी की सुरक्षा के लिए जो कदम उठाया वह न केवल साहसिक था बल्कि मानवता और मातृत्व की सर्वोच्च मिसाल भी है। घटना ने यह संदेश दिया कि मां अपने बच्चे की सुरक्षा में किसी भी हद तक जा सकती है।
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