उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बस्ती जिले के हर्रैया विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक जनसभा के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। सीएम योगी ने विपक्ष की पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल को याद दिलाते हुए विकास, बिजली और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर जमकर घेरा। उन्होंने एक पुराने किस्से का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय था जब बस्ती में लोग बिजली के तारों पर कपड़े सुखाया करते थे, क्योंकि बिजली आती ही नहीं थी। जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए तरसती थी, जबकि दूसरी तरफ सत्ता के रसूख में डूबे लोग सैफई में नाच-गाने के आयोजनों में व्यस्त रहते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का विकास सिर्फ एक विशेष परिवार और सैफई तक ही सीमित होकर रह गया था।
बिजली गुल और सैफई में जश्न: क्या थे पुराने हालात?
मुख्यमंत्री ने हर्रैया के स्थानीय विकास की चर्चा करते हुए कहा कि जब सही जनप्रतिनिधि चुना जाता है, तभी क्षेत्र का वास्तविक विकास होता है। उन्होंने वर्तमान विधायक अजय सिंह के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि पिछले 9 वर्षों में इस क्षेत्र में रिकॉर्ड तोड़ विकास कार्य हुए हैं। सपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि साल 2017 से 2022 के बीच कप्तानगंज सहित पूरे क्षेत्र में तेजी से काम हुआ, लेकिन बाद में सपा के नेताओं ने विकास में कोई रुचि नहीं दिखाई। सीएम योगी ने आरोप लगाया कि विपक्ष के लोग केवल जमीनों और व्यवस्थाओं पर अवैध कब्जा करने में माहिर हैं। उन्होंने जनता को आगाह किया कि अगर अच्छे और ईमानदार लोगों को चुनकर नहीं भेजा गया, तो विकास की रफ्तार पूरी तरह थम जाएगी।
धार्मिक आस्था पर चोट और राम मंदिर में बाधा का आरोप
अपने संबोधन में सीएम योगी ने सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहरों की उपेक्षा का मुद्दा भी पुरजोर तरीके से उठाया। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की राह में सबसे बड़ी बाधा थी। सपा नेताओं के पुराने बयानों को याद दिलाते हुए उन्होंने कहा कि कभी इनके नेता दावा करते थे कि राम मंदिर बना तो ‘लहू बहेगा’। इतना ही नहीं, उन्होंने पूर्व सरकार पर रामगढ़ी मंदिर में नमाज पढ़वाने की कोशिश करने और 84 कोसी तथा पंचकोसी परिक्रमा को रोकने का भी आरोप लगाया। सीएम ने कहा कि पूर्व की सरकार में जहां कब्रिस्तानों के नाम पर जमीनों पर कब्जे होते थे, वहीं आज उनकी सरकार में लगभग 1500 मंदिरों का जीर्णोद्धार कराकर आस्था का सम्मान किया जा रहा है।
‘देख सपाई, बिटिया घबराई’ से यमराज के खौफ तक का सफर
कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर मुख्यमंत्री का कड़ा रुख देखने को मिला। उन्होंने सपा शासनकाल के दौरान महिलाओं की असुरक्षा पर तंज कसते हुए कहा कि उस समय एक नारा गूंजता था— ‘देख सपाई, बिटिया घबराई’। पुलिस खुद डरी-सहमी रहती थी और दंगाइयों का बोलबाला था। दुर्गापूजा और रामनवमी जैसे पवित्र त्योहारों पर दंगे भड़काए जाते थे। लेकिन आज यूपी में दंगे और कर्फ्यू का दौर पूरी तरह समाप्त हो चुका है। सीएम ने अपराधियों को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि अब बेटियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को यह अच्छी तरह पता है कि अगले चौराहे पर सीधे ‘यमराज’ उनका इंतजार कर रहे हैं। वर्तमान सरकार आज हर वर्ग की सुरक्षा और किसानों व दुर्घटना पीड़ितों को 5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता देकर सुशासन की नई मिसाल पेश कर रही है।
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