पुणे में सामने आए एक सनसनीखेज मामले ने पूरे इलाके को हिला दिया है, जहां केतन अग्रवाल नामक युवक की मौत को लेकर उसकी मंगेतर सिया पर गंभीर आरोप लगे हैं। शुरुआती जांच और सामने आए डिजिटल सबूतों के आधार पर पुलिस को शक है कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि पहले से रची गई साजिश हो सकती है। बताया जा रहा है कि केतन और सिया के बीच लंबे समय से रिश्ता था और दोनों सोशल मीडिया पर खुद को एक परफेक्ट कपल की तरह पेश करते थे। लेकिन इस चमकदार तस्वीर के पीछे एक ऐसा सच छिपा था, जिसने अब पूरे मामले को रहस्यमयी बना दिया है। पुलिस इस केस को “प्लान्ड मर्डर थ्योरी” के एंगल से भी जांच रही है।
सरप्राइज डेट से शुरू हुई कहानी, जो खत्म हुई खाई में
जानकारी के मुताबिक, घटना वाले दिन केतन ने सिया के लिए एक खास प्री-बर्थडे सरप्राइज प्लान किया था। वह उसे एक कैफे लेकर गया, जहां लाइव म्यूजिक, केक और रोमांटिक माहौल में दोनों ने समय बिताया। इस दौरान दोनों के बीच डांस और हंसी-मजाक भी हुआ, जो किसी सामान्य कपल की तरह दिखाई दे रहा था। इसके बाद केतन ने उसे और खास सरप्राइज देने के लिए लोहगढ़ किले की ओर ले गया। रास्ते में भी सब कुछ सामान्य लगता रहा, लेकिन पुलिस जांच के अनुसार यही वह मोड़ था जहां पूरी कहानी बदलने लगी। इसी यात्रा के दौरान कथित रूप से सिया का बॉयफ्रेंड चेतन भी योजना में शामिल था।
लोहगढ़ किले पर क्या हुआ, जिसने बदल दी पूरी कहानी?
लोहगढ़ किले पर पहुंचने के बाद स्थिति अचानक बदल गई। आरोप है कि सिया ने केतन को एक खाई के पास फोटो खींचने के बहाने ले जाकर धक्का दे दिया। इस घटना के दौरान उसके कथित बॉयफ्रेंड चेतन की भूमिका भी जांच के घेरे में है, जो पहले से ही वहां मौजूद था। पुलिस को मिले CCTV फुटेज में चेतन की गतिविधियां संदिग्ध पाई गई हैं, जिसमें वह घटना से पहले अलग कपड़ों और हुडी में इलाके में घूमता नजर आता है। जांच में यह भी सामने आया है कि किसी को शक न हो इसलिए चेतन ने अपना मोबाइल भी घर पर ही छोड़ दिया था। इस पूरे घटनाक्रम ने मामले को और भी जटिल बना दिया है।
पुलिस जांच में खुल रहे नए राज, कॉल और झूठी सूचना पर शक
घटना के बाद सिया ने खुद पुलिस को फोन कर बताया कि केतन का पैर फिसलकर खाई में गिर गया है। इसी सूचना पर पुलिस और परिवार मौके पर पहुंचे, लेकिन जांच में कई बातें मेल नहीं खा रही हैं। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि यह एक सुनियोजित हत्या हो सकती है, जिसमें “सरप्राइज डेट” को एक कवर के रूप में इस्तेमाल किया गया। पुलिस अब दोनों आरोपियों के कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा और डिजिटल गतिविधियों की बारीकी से जांच कर रही है। यह मामला लगातार नए मोड़ ले रहा है और जांच एजेंसियां हर पहलू को खंगालने में जुटी हैं।








