पंजाब में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस नेता सुंदर शाम अरोड़ा से जुड़े 16 ठिकानों पर छापेमारी की। ईडी की जालंधर टीम इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दे रही है। जांच एजेंसी की टीमें मोहाली, चंडीगढ़, होशियारपुर, जालंधर और लुधियाना समेत कई शहरों में पहुंचीं। इस दौरान पूर्व मंत्री के आवास पर भी तलाशी ली गई। बताया जा रहा है कि जांच का दायरा केवल सुंदर शाम अरोड़ा तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके करीबी सहयोगियों से जुड़े ठिकानों की भी पड़ताल की जा रही है। एक साथ कई जगहों पर हुई इस कार्रवाई से पंजाब के राजनीतिक और कारोबारी हलकों में हलचल तेज हो गई है।
पांच करोड़ रुपये की रिश्वत का मामला
ईडी की यह कार्रवाई मोहाली में 25 एकड़ जमीन के सौदे से जुड़े कथित रिश्वत मामले में की जा रही है। सुंदर शाम अरोड़ा पर आरोप है कि जमीन की डील और उसके लिए जरूरी अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) दिलाने के बदले पांच करोड़ रुपये की रिश्वत ली गई थी। हालांकि, इन आरोपों की जांच अभी जारी है और इन्हें साबित होना बाकी है। जांच एजेंसी इस पूरे सौदे से जुड़े वित्तीय लेन-देन और दस्तावेजों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। इसी सिलसिले में पूर्व मंत्री और उनसे जुड़े लोगों के ठिकानों पर तलाशी ली जा रही है।
27.5 करोड़ रुपये का भुगतान और बेटे की कंपनी का कनेक्शन भी जांच में
जांच में गुलमोहर टाउनशिप से जुड़े जमीन के सौदे को लेकर भी अहम जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि कंपनी ने जमीन का औपचारिक एग्रीमेंट होने से पहले ही 27.5 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया था। वहीं, संबंधित जमीन के लिए NOC 17 नवंबर 2020 को जारी की गई थी। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि जमीन के भुगतान, एनओसी जारी होने और कथित रिश्वत के बीच क्या संबंध था। इसके अलावा सुंदर शाम अरोड़ा के बेटे प्रतीक अरोड़ा की एक रियल एस्टेट कंपनी में 35 प्रतिशत हिस्सेदारी होने की जानकारी भी जांच के दायरे में है।
16 ठिकानों से मिले दस्तावेजों की होगी जांच, आगे बढ़ सकती है कार्रवाई
ईडी की इस छापेमारी का मुख्य उद्देश्य कथित रिश्वत मामले से जुड़े दस्तावेजों, वित्तीय लेन-देन और अन्य सबूतों की जांच करना है। एजेंसी यह समझने में जुटी है कि जमीन के सौदे में किसकी क्या भूमिका थी और पैसों का लेन-देन किन माध्यमों से हुआ। फिलहाल तलाशी की कार्रवाई और जांच से जुड़े सभी पहलुओं पर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। छापेमारी के बाद बरामद दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय हो सकती है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि ईडी की जांच में कौन-कौन से नए तथ्य सामने आते हैं और क्या इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका भी उजागर होती है।
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