Kerala की राजनीति में बुधवार सुबह उस समय बड़ा भूचाल आ गया, जब Enforcement Directorate की टीम ने पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के तिरुवनंतपुरम स्थित घर समेत कई ठिकानों पर एकसाथ छापेमारी शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि सुबह-सुबह अधिकारियों की टीम अचानक विजयन के किराए के आवास पर पहुंची और वहां दस्तावेजों की जांच शुरू की। इस कार्रवाई की खबर सामने आते ही राज्य की राजनीति गरमा गई और पूरे मामले को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया। ईडी ने सिर्फ एक जगह नहीं बल्कि राज्यभर में कुल 12 ठिकानों पर एक साथ रेड की कार्रवाई की। इनमें तिरुवनंतपुरम, कोच्चि और कन्नूर जैसे शहर शामिल बताए जा रहे हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक यह कार्रवाई कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़ी हुई है, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री के परिवार का नाम भी जांच के दायरे में आया है। एजेंसी की टीम कई घंटों तक दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच करती रही।
CMRL केस में बेटी वीणा विजयन पर भी जांच की आंच
जानकारी के अनुसार यह पूरा मामला Cochin Minerals and Rutile Limited यानी CMRL से जुड़ा हुआ है। जांच एजेंसियों का दावा है कि कंपनी से कथित तौर पर फर्जी खर्चों और संदिग्ध लेनदेन के जरिए कई लोगों तक रकम पहुंचाई गई थी। इसी मामले में पूर्व मुख्यमंत्री की बेटी Veena Vijayan का नाम भी सामने आया है। ईडी अब यह पता लगाने में जुटी है कि जिन कंपनियों और व्यक्तियों को भुगतान किया गया, उनके पीछे असल उद्देश्य क्या था। सूत्रों के मुताबिक एजेंसी कुछ ऐसे दस्तावेज तलाश रही है, जिनसे पैसों के लेनदेन और कंपनियों के बीच संबंधों की पूरी तस्वीर साफ हो सके। माना जा रहा है कि वीणा विजयन से जुड़े कारोबारी नेटवर्क और वित्तीय लेनदेन की भी बारीकी से जांच की जा रही है। हालांकि अभी तक विजयन परिवार की तरफ से इन आरोपों पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस छापेमारी को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं।
विपक्ष ने साधा निशाना, सरकार पर उठे सवाल
ईडी की इस कार्रवाई के बाद विपक्षी दलों ने राज्य सरकार और पूर्व मुख्यमंत्री पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। विपक्ष का कहना है कि लंबे समय से CMRL मामले को लेकर आरोप लगाए जा रहे थे और अब केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई ने उन सवालों को और गंभीर बना दिया है। कई नेताओं ने मांग की है कि मामले की पूरी जांच पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए ताकि सच जनता के सामने आ सके। दूसरी तरफ वामपंथी दलों के नेताओं ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है। उनका आरोप है कि विपक्षी नेताओं और गैर-भाजपा सरकारों को निशाना बनाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि ईडी की तरफ से फिलहाल सिर्फ इतना कहा गया है कि जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है और सभी तथ्यों की पड़ताल की जाएगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस कार्रवाई का असर आने वाले समय में केरल की राजनीति पर साफ दिखाई दे सकता है, क्योंकि पिनाराई विजयन राज्य की राजनीति का बड़ा चेहरा रहे हैं।
आगे क्या होगा? पूरे मामले पर टिकी सबकी नजर
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि ईडी की इस छापेमारी से आगे जांच किस दिशा में बढ़ती है। अगर एजेंसी को छापेमारी के दौरान अहम दस्तावेज या डिजिटल सबूत मिलते हैं, तो आने वाले दिनों में पूछताछ और कानूनी कार्रवाई तेज हो सकती है। सूत्रों की मानें तो एजेंसी कुछ वित्तीय लेनदेन और कंपनियों के बीच हुए समझौतों की भी जांच कर रही है। ऐसे में आने वाले समय में कई और नाम सामने आ सकते हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने केरल की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। एक तरफ विपक्ष इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई बता रहा है, वहीं दूसरी तरफ विजयन समर्थक इसे राजनीतिक दबाव की रणनीति कह रहे हैं। अब सबकी नजर ईडी की अगली कार्रवाई और विजयन परिवार की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है। यह मामला सिर्फ कानूनी जांच तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि अब यह राज्य की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन चुका है।
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