दिल्ली के कश्मीरी गेट बस अड्डे से जब राज कल्पना ट्रैवल्स की बस (नंबर BR32PA8647) ने बुधवार, 23 सितंबर की रात आगरा के लिए अपनी रफ्तार पकड़ी थी, तब किसी को यह आभास नहीं था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बनने जा रहा है। बस के भीतर करीब 30 से 35 मुसाफिर चैन की नींद सो रहे थे या अपने गंतव्य के सपने देख रहे थे। लेकिन यमुना एक्सप्रेसवे पर किलोमीटर 33 के पास पहुँचते ही कुछ सतर्क यात्रियों की नींद अचानक एक अजीब सी गंध से खुली। बस के अंदर कुछ जलने की बदबू फैल रही थी। घबराए हुए यात्रियों ने बिना एक पल गंवाए तुरंत अपनी सीट छोड़ी और ड्राइवर व कंडक्टर के पास जाकर उन्हें इस खतरे से आगाह किया कि गाड़ी के भीतर कुछ गड़बड़ है।
चेतावनी को नजरअंदाज करना पड़ा भारी, सुलग उठीं लपटें
यहीं से इस पूरी दर्दनाक घटना का वह खौफनाक पहलू शुरू होता है, जो हर किसी के दिल को दहला देता है। एफआईआर और चश्मदीदों के मुताबिक, यात्रियों ने जब बार-बार बस रोकने और अंदर जांच करने की गुहार लगाई, तो चालक और परिचालक ने इस चेतावनी को पूरी तरह से हवा में उड़ा दिया। उन्होंने यात्रियों की बात को गंभीरता से लेने के बजाय नजरअंदाज कर दिया। अगर उसी वक्त सूझबूझ दिखाते हुए बस रोक दी जाती, तो शायद बड़ा हादसा टल जाता। लेकिन कुछ ही पलों में ड्राइवर की सीट के पास से आग की भयानक लपटें तेजी से बाहर निकलने लगीं और देखते ही देखते पलक झपकते ही पूरी बस को अपने आगोश में ले लिया।
चीख-पुकार के बीच धुआँ और मौत का खौफनाक मंजर
चंद सेकंड के भीतर पूरी बस में जहरीला काला धुआँ इतनी तेजी से भर गया कि लोगों का दम घुटने लगा। अचानक फैली इस आपदा से बस के अंदर अफरा-तफरी मच गई, चीख-पुकार गूंज उठी और कई मासूम मुसाफिर अपनी जान बचाने के लिए अंदर ही फंसकर रह गए। इस दिल दहला देने वाले मंजर के बीच किसी तरह राहत और बचाव कार्य शुरू हुआ और गंभीर रूप से झुलसे यात्रियों को तुरंत जेवर के कैलाश अस्पताल ले जाया गया। लेकिन अस्पताल पहुँचते ही डॉक्टरों ने जब 9 लोगों को मृत घोषित किया, तो वहाँ का माहौल चीखों से गूँज उठा। इस आग में यात्रियों के मोबाइल, बैग और सारा सामान भी जलकर राख हो गया।
पुलिस का कड़ा एक्शन और अब आगे की बड़ी जाँच
इस भीषण अग्निकांड के बाद ग्रेटर नोएडा पुलिस ने त्वरित और सख्त कार्रवाई करते हुए बस के ड्राइवर और कंडक्टर दोनों को अपनी हिरासत में ले लिया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी जांच इंस्पेक्टर अजय कुमार सिंह को सौंपी गई है। पुलिस अब इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी है कि आखिर चलती बस में आग लगने की असली वजह क्या थी और यात्रियों के बार-बार टोकने के बावजूद बस को तुरंत क्यों नहीं रोका गया। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर इस बात पर सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या हमारे देश में यात्रियों की सुरक्षा से इस तरह खिलवाड़ हमेशा यूं ही होता रहेगा।
Read more-सुकेश केस में जैकलीन फर्नांडीज पर कोर्ट का बड़ा फैसला, जानिए किस मांग को किया खारिज








