हाल ही में आयोजित G7 समिट के दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy और इटली की प्रधानमंत्री Giorgia Meloni का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कुछ यूजर्स दावा कर रहे हैं कि स्वागत के दौरान जेलेंस्की ने मेलोनी को जबरदस्ती “लिप किस” करने की कोशिश की, जिसके बाद मेलोनी असहज नजर आईं। करीब पांच सेकंड की इस क्लिप को अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर लाखों बार देखा जा चुका है। वीडियो में दोनों नेता एक-दूसरे का अभिवादन करते दिख रहे हैं, लेकिन सीमित एंगल और अधूरी क्लिप के आधार पर कई तरह के दावे किए जाने लगे।
फैक्ट चेक में क्या सामने आया?
वायरल दावों की जांच के बाद सामने आया कि वीडियो को भ्रामक तरीके से पेश किया गया है। घटना के पूरे और बिना एडिट किए गए फुटेज को देखने पर पता चलता है कि दोनों नेताओं के बीच सामान्य कूटनीतिक अभिवादन हुआ था। फ्रेम-दर-फ्रेम विश्लेषण से साफ हुआ कि वायरल वीडियो ऐसे कैमरा एंगल से रिकॉर्ड किया गया था, जिससे ऐसा भ्रम पैदा हुआ कि दोनों एक-दूसरे के बहुत करीब आ गए हैं। हालांकि, किसी भी फुटेज में ऐसा नहीं दिखता कि जेलेंस्की ने कोई अनुचित हरकत की हो। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे का अभिवादन किया और सामान्य बातचीत के बाद आगे बढ़ गए।
यूरोप में ‘एयर किस’ है आम अभिवादन का तरीका
यूरोप के कई देशों में औपचारिक मुलाकातों के दौरान “एयर किस” या गाल से गाल मिलाकर अभिवादन करना सामान्य सामाजिक और कूटनीतिक परंपरा मानी जाती है। खासतौर पर यूरोपीय नेताओं के बीच इस तरह का अभिवादन कई मौकों पर देखा जाता रहा है। अलग-अलग देशों की सांस्कृतिक परंपराओं को समझे बिना छोटे वीडियो क्लिप के आधार पर निष्कर्ष निकालना गलतफहमी पैदा कर सकता है। वायरल वीडियो में भी ऐसा ही हुआ, जहां एक सामान्य अभिवादन को गलत संदर्भ में पेश किया गया।
सोशल मीडिया पर भ्रामक दावों से रहें सतर्क
डिजिटल दौर में किसी भी वीडियो का छोटा हिस्सा काटकर उसे अलग संदर्भ में वायरल करना आसान हो गया है। ऐसे मामलों में पूरी जानकारी और विश्वसनीय स्रोतों की जांच करना बेहद जरूरी है।
किसी भी वायरल वीडियो पर भरोसा करने से पहले उसके मूल स्रोत, पूरे फुटेज और तथ्य जांच रिपोर्ट को देखना चाहिए। जेलेंस्की और मेलोनी से जुड़ा यह मामला भी बताता है कि अधूरी जानकारी के आधार पर बनाई गई धारणा कितनी तेजी से फैल सकती है। फिलहाल, उपलब्ध तथ्यों और पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर यह स्पष्ट है कि “लिप किस” की कोशिश का दावा पूरी तरह भ्रामक और गलत है।








