पीएम मोदी की रैली से पहले कोलकाता में बवाल! मंत्री के घर के बाहर पत्थरबाजी, TMC-BJP कार्यकर्ता आमने-सामने

Narendra Modi की प्रस्तावित रैली से पहले Kolkata का राजनीतिक माहौल अचानक गरमा गया। शहर के गिरिश पार्क इलाके में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के समर्थकों के बीच तीखी झड़प हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दोनों पक्षों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते नारेबाजी, धक्का-मुक्की और पत्थरबाजी शुरू हो गई। यह घटना राज्य मंत्री और तृणमूल कांग्रेस की वरिष्ठ नेता Shashi Panja के घर के पास हुई, जिसके बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ ही मिनटों में हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ी।

मंत्री का आरोप—BJP कार्यकर्ताओं ने किया हमला

घटना के बाद राज्य मंत्री शशि पांजा ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने तृणमूल कांग्रेस समर्थकों पर हमला किया और उनके घर के पास पथराव किया। उन्होंने दावा किया कि इस झड़प में 50 से ज्यादा TMC कार्यकर्ता घायल हो गए। मंत्री ने बताया कि पथराव के दौरान उनकी ओर भी एक बड़ा पत्थर फेंका गया, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें तुरंत घर के अंदर ले जाकर सुरक्षित किया। उनके मुताबिक यह हमला अचानक हुआ और कुछ ही समय में इलाके में अफरा-तफरी फैल गई। उन्होंने यह भी कहा कि उस समय वहां मौजूद कई पुलिसकर्मी भी झड़प में घायल हुए।

‘बॉयकॉट बीजेपी’ बैनर को लेकर विवाद

शशि पांजा ने यह भी आरोप लगाया कि झड़प की शुरुआत उस समय हुई जब इलाके में लगाए गए “बॉयकॉट बीजेपी” लिखे बैनर को कुछ लोगों ने फाड़ दिया। उनके अनुसार इसके बाद दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच बहस शुरू हुई, जो जल्द ही हिंसक झड़प में बदल गई। चश्मदीदों का कहना है कि पहले नारेबाजी हुई और फिर अचानक पत्थर चलने लगे। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि कई कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे पर ईंट-पत्थर फेंके, जिससे माहौल और बिगड़ गया। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई थी कि आसपास के दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।

घटना के बाद बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी

इस घटना के बाद राज्य की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस नेताओं का कहना है कि उनके कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया और इलाके में जानबूझकर तनाव फैलाने की कोशिश की गई। वहीं दूसरी ओर इस पूरे घटनाक्रम को लेकर जांच की मांग भी उठने लगी है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं, ताकि आगे किसी तरह की अप्रिय घटना न हो। फिलहाल इस घटना ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गर्मा सकता है।

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