Bhiwandi News: महाराष्ट्र के भिवंडी में गुरुवार देर रात एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को हिला दिया। बालाजी नगर-गंगारामवाड़ी क्षेत्र में स्थित चार मंजिला कोहिनूर अपार्टमेंट अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे के समय इमारत के अंदर कुछ लोग मौजूद थे, जिसके चलते कई लोगों के मलबे में दबने की आशंका जताई गई। प्रशासन के अनुसार हादसे में अब तक दो लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, पुलिस, नगर निगम की आपदा प्रबंधन टीम और बाद में NDRF व TDRF की टीमें मौके पर पहुंच गईं। संकरी गलियों के कारण शुरुआती बचाव कार्य में मुश्किलें आईं, लेकिन रास्ता साफ करने के बाद रेस्क्यू अभियान तेज कर दिया गया। प्रशासन का कहना है कि मलबे में फंसे हर व्यक्ति तक जल्द से जल्द पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
शाम से दिखने लगी थीं दरारें, खाली कराने के दौरान हुआ हादसा
स्थानीय लोगों के मुताबिक इमारत में गुरुवार शाम से ही दरारें दिखाई देने लगी थीं। कुछ ही घंटों बाद बिल्डिंग के झुकने की सूचना मिलने पर नगर निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। कई परिवार सुरक्षित बाहर आ चुके थे, लेकिन कुछ लोग अपना सामान निकालने और मरम्मत का काम पूरा करने के लिए अंदर ही मौजूद थे। इसी दौरान अचानक पूरी इमारत ढह गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सब कुछ कुछ ही सेकंड में हुआ और लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। हादसे के बाद आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू कर दिया। बाद में बचाव एजेंसियों ने मोर्चा संभालते हुए मलबा हटाने का काम तेज किया।
पहले से खतरनाक घोषित थी इमारत, फिर भी बना रहा जोखिम
जानकारी के अनुसार नगर निगम ने इस इमारत को पहले ही खतरनाक घोषित कर नोटिस जारी किया था। बताया जा रहा है कि ग्राउंड फ्लोर के कुछ पिलर कमजोर हो चुके थे और उनकी मरम्मत का काम चल रहा था। इसी दौरान यह बड़ा हादसा हो गया। अधिकारियों का कहना है कि अधिकांश परिवारों को पहले ही बाहर निकलने की सलाह दी गई थी, जिससे और बड़ा नुकसान टल गया। राहत टीमों का मानना है कि मलबे में अभी भी कुछ लोगों के फंसे होने की आशंका है, इसलिए अभियान पूरी सावधानी के साथ चलाया जा रहा है। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के लिए नजदीकी स्कूलों और सामुदायिक भवनों में अस्थायी ठहरने की व्यवस्था भी की है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि जिन इमारतों को खतरनाक घोषित किया गया है, उनमें रहने का जोखिम बिल्कुल न लें।
महिला ने दिखाई हिम्मत, खुद मलबे से निकलकर बचाई जान
इस हादसे में कई दिल दहला देने वाले दृश्य सामने आए। एक परिवार के सदस्य किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि उनकी बेटी मलबे के नीचे फंस गई। उसने हिम्मत नहीं हारी और खुद ही रास्ता बनाकर बाहर निकल आई। स्थानीय युवकों ने भी बिना समय गंवाए बचाव कार्य शुरू किया और कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की। प्रशासन ने बताया कि राहत अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक मलबे में फंसे सभी लोगों का पता नहीं चल जाता। पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है और इंजीनियरों की टीम हादसे के कारणों की जांच कर रही है। इस घटना ने एक बार फिर जर्जर इमारतों की सुरक्षा और समय रहते उन्हें खाली कराने की जरूरत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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