पवित्र सावन महीने की शुरुआत के साथ ही पूरा देश शिवमय हो चुका है. हरिद्वार से गंगाजल लेकर निकलने वाले शिव भक्तों का तांता लगा हुआ है, और उत्तर प्रदेश के शामली जिले से गुजरने वाले कांवड़िए इस समय हर किसी के आकर्षण का मुख्य केंद्र बने हुए हैं. हर साल की तरह इस बार भी सड़कों पर तरह-तरह की भव्य और आकर्षक कांवड़ें देखने को मिल रही हैं, लेकिन हरियाणा के सिरसा से आए एक विशेष शिव भक्त की कांवड़ यात्रा ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. इनकी यह अनोखी यात्रा न सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सच्चे संकल्प और गहरी श्रद्धा की एक अनूठी मिसाल भी पेश कर रही है.
पिछले साल भोलेनाथ को लाए थे, इस बार कंधे पर विराजित हैं माता पार्वती
इस अनोखी कांवड़ यात्रा के पीछे एक दिलचस्प और गहरी कहानी जुड़ी हुई है. हरियाणा के सिरसा जिले के रहने वाले विनोद नाम के कांवड़िए ने पिछले साल यानी 2025 में भगवान शिव की एक विशेष प्रतिमा को अपने कंधे पर रखकर हरिद्वार से अपने घर तक की कठिन यात्रा पूरी की थी. उस दौरान उन्होंने भगवान भोलेनाथ के सामने अपने नए मकान के निर्माण की मन्नत मांगी थी. भोलेनाथ की असीम कृपा से उनका वह मकान बनकर बिल्कुल तैयार हो गया, जिसके बाद इस साल वह अपनी मन्नत पूरी करने के लिए एक बार फिर सड़क पर उतरे हैं, लेकिन इस बार उनके कंधे पर भगवान शिव नहीं, बल्कि माता पार्वती विराजमान हैं.
शिव परिवार को अपने घर बसाने की है जिद, साल 2027 के लिए रख दिया है बड़ा संकल्प
विनोद अपनी इस यात्रा को लेकर बेहद उत्साहित और भावुक नजर आ रहे हैं. मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि पिछले साल उन्होंने भगवान शिव को लाकर अपने घर में स्थापना की शुरुआत की थी और इस बार माता पार्वती को लेकर जा रहे हैं. उनका मुख्य उद्देश्य अपने नए घर में भगवान शिव का एक भव्य मंदिर स्थापित करना है. विनोद ने आगे का बड़ा संकल्प साझा करते हुए कहा कि यदि भगवान की कृपा से अगले साल तक उनके घर में वह मंदिर पूरी तरह बनकर तैयार हो जाता है, तो वह साल 2027 में भगवान गणेश और भगवान कार्तिकेय को भी अपने कंधे पर बैठाकर घर लाएंगे, जिससे भगवान शिव का पूरा परिवार उनके घर में हमेशा के लिए विराजमान हो सके.
प्रशासन की बेहतर व्यवस्था और श्रद्धालुओं में उत्साह
इस अद्भुत कांवड़ यात्रा के दौरान शामली और आसपास के इलाकों में सुरक्षा, यातायात, पेयजल और चिकित्सा जैसी तमाम व्यवस्थाएं बेहद चाक-चौबंद नजर आ रही हैं, जिससे दूर-दराज से आने वाले सभी श्रद्धालुओं को काफी राहत मिल रही है. विनोद का यह अनोखा अंदाज और उनकी अटूट निष्ठा रास्ते में गुजरने वाले हर व्यक्ति को मंत्रमुग्ध कर रही है. लोग इस अद्भुत नजारे को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करने के साथ-साथ इसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी खूब शेयर कर रहे हैं. आस्था, समर्पण और परिवार को एक सूत्र में पिरोने के इस अनोखे संकल्प ने इस साल की कांवड़ यात्रा को और भी अधिक यादगार बना दिया है.
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