Wednesday, January 14, 2026

चिंता मत करो, मैं जल्दी ठीक होकर… ICU में भर्ती धर्मेंद्र ने फोन किसे बोली थी ये बात

बॉलीवुड के महान अभिनेता धर्मेंद्र का 24 नवंबर 2025 को निधन हो गया। हिंदी सिनेमा में उन्हें “ही-मैन” और “गरम धर्म” के नाम से जाना जाता था। 65 वर्षों तक फिल्मों में शानदार काम करने वाले धर्मेंद्र न केवल अपने अभिनय बल्कि अपने विनम्र और दरियादिल स्वभाव के लिए भी मशहूर थे। उनके जाने से फिल्म इंडस्ट्री और फैंस के लिए एक बहुत बड़ा नुकसान हुआ है। निधन के बाद सोशल मीडिया पर हर कोई उन्हें याद कर रहा है और श्रद्धांजलि दे रहा है।

ICU में रहते हुए भी दूसरों का दुख समझा

धर्मेंद्र की इंसानियत का एक बहुत ही खास उदाहरण निकितन धीर ने सोशल मीडिया पर साझा किया। अभिनेता निकितन धीर के पिता और जाने-माने अभिनेता पंकज धीर का 15 अक्टूबर 2025 को निधन हो गया था। उस कठिन समय में धर्मेंद्र ICU में भर्ती थे। बावजूद इसके उन्होंने निकितन की मां को फोन किया और परिवार का हौसला बढ़ाया। धर्मेंद्र ने फोन पर कहा, “चिंता मत करो, मैं जल्दी ठीक होकर घर लौटूंगा।” इतने गंभीर स्वास्थ्य संकट में भी उन्होंने दूसरों के दुख को अपना दुख समझा और अपने संवेदनशील और सहानुभूतिपूर्ण स्वभाव को साबित किया।

निकितन धीर ने सोशल मीडिया पर किया खुलासा

निकितन धीर ने इंस्टाग्राम पर धर्मेंद्र को श्रद्धांजलि देते हुए लंबा पोस्ट लिखा। उन्होंने बताया कि उनके डैड और वह अक्सर फिल्म इंडस्ट्री के सबसे सफल हीरो के बारे में चर्चा करते थे। धर्मेंद्र हमेशा कहते थे कि सबसे मर्दाना, हैंडसम, विनम्र और दयालु हीरो वही है। पंकज धीर के निधन के बाद धर्मेंद्र ने ICU से ही निकितन की मां को फोन किया और उनका दर्द साझा किया। उन्होंने अपने प्यार और संवेदना जाहिर की और कहा कि जल्द ही स्वस्थ होकर घर लौटेंगे। इस घटना ने धर्मेंद्र की सच्ची इंसानियत और उनकी दिल से जुड़ी संवेदनशीलता को सामने लाया।

धर्मेंद्र की यादें और फिल्म इंडस्ट्री पर उनका प्रभाव

धर्मेंद्र का करियर और उनका व्यक्तित्व सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं था। वे हमेशा अपने सहयोगियों और उनके परिवार के साथ खड़े रहते थे। उनका यह मानवतावादी पहलू उनके फैंस और इंडस्ट्री के लोगों के दिलों में हमेशा जीवित रहेगा। निकितन धीर के पोस्ट ने यह साबित किया कि धर्मेंद्र का व्यक्तित्व केवल स्क्रीन पर ही नहीं, बल्कि असली जिंदगी में भी बेहद संवेदनशील और आदर्श था। उनके जाने से हिंदी सिनेमा ने सिर्फ एक अभिनेता नहीं खोया बल्कि एक सच्चे इंसान को खो दिया।

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